मानसून चार दिन की देरी से पूरे भारत में पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार अभी तक अनुमान से 17 फीसदी कम बारिश को रिकॉर्ड किया गया है। जबकि दिल्ली और केरल समेत पांच राज्यों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
दक्षिणी पश्चिमी मानसून आमतौर पर 15 जुलाई तक पूरे भारत में पहुंच जाता है लेकिन इस साल इसमें देरी देखी गई है, जिसका प्रमुख कारण अलनीनो प्रभाव और अरब सागर में आया चक्रवात है।
मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब-हरियाणा के ऊपर द्रोणिका बनी है, जिससे इन राज्यों के साथ ही आसपास के राज्यों जैसे हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी में भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा केरल में भी मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश को लेकर रेड और यलो अलर्ट जारी किया है।
बाढ़ से असम और बिहार में मृतकों की संख्या 150 के पार
उत्तर पूर्व भारत और बिहार में भारी मानसूनी बारिश के कारण बाढ़ का कहर लगातार जारी है। असम और बिहार में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या शनिवार को 150 के पार पहुंच गई। उधर, पंजाब के भी 7 जिलों में जल स्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
पंजाब-हरियाणा में भारी बारिश
पंजाब और हरियाणा के अधिकतर क्षेत्रों में शनिवार को भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य से 3 अंक तक नीचे आ गया है। करनाल में 58.2 मिलीमीटर और अमृतसर में 13 मिलीमीटर बारिश हुई। चंडीगढ़ में 2 मिलीमीटर बारिश आंकी गई। पंजाब की घग्गर नदी में उफान के कारण सात जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और कपास व धान की फसल को खतरा पैदा हो गया है।
हिमाचल में येलो वार्निंग
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के मैदानी व निचले पहाड़ी क्षेत्रों में 24 जुलाई के लिए भारी बारिश की येलो वार्निंग जारी की है। 26 जुलाई तक राज्य में भारी मानसूनी बारिश के हालात बने रह सकते हैं। शनिवार को भी शिमला के मशोबरा में 26 मिलीमीटर बारिश समेत कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
केरल के कन्नूर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
केरल के विभिन्न इलाकों में पिछले 48 घंटों से हो रही बारिश के बीच कन्नूर में पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। मौसम पूर्वानुमान बताने वाले स्काईमेट के अनुसार, कन्नूर में पिछले 10 सालों में जुलाई में इतनी ज्यादा बारिश नहीं हुई थी। यानी कि बारिश ने पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।