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कम दबाव क्षेत्र ने बढ़ाई टेंशन: ओडिशा से आंध्र-तेलंगाना तक झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

Wed, 23 Sep 2026 02:01 AM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन डीप डिप्रेशन में बदल गया है और 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार कर सकता है। ओडिशा में भारी बारिश के चलते ODRAF टीमें तैनात की गई हैं। समुद्र में मछुआरों के जाने पर रोक और पुरी में समुद्र स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं तेलंगाना के कई जिलों में 23-24 सितंबर को बेहद भारी बारिश का अलर्ट है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब गहरे दबाव यानी कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और इसका असर ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। तेलंगाना में भी 23 और 24 सितंबर को कई जिलों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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23 सितंबर की रात तट से टकरा सकता है सिस्टम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मंगलवार को यह सिस्टम कलिंगपट्टनम से करीब 140 किलोमीटर, ओडिशा के गोपालपुर से 150 किलोमीटर, पुरी से 210 किलोमीटर और विशाखापत्तनम से करीब 220 किलोमीटर पूर्व में था। इसके बुधवार रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार करने की बहुत संभावना है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि डीप डिप्रेशन, कम दबाव वाले क्षेत्र से ज्यादा मजबूत लेकिन चक्रवाती तूफान से कम तीव्र मौसम प्रणाली होती है। इसके 23 सितंबर की रात करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जमीन से टकराने की संभावना है।

ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्सों में जोरदार बारिश
इस मौसम प्रणाली के असर से सोमवार से ही दक्षिणी और तटीय ओडिशा के बड़े हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाकों में पेड़ गिरने और सड़कों के बंद होने की खबरें भी सामने आई हैं। गजपति, गंजाम और दूसरे जिलों में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
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कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए नबरंगपुर, मलकानगिरी, पुरी, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, कोरापुट और खुर्दा जिलों में शैक्षणिक संस्थान 24 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया गया है। कई जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तेजी से राहत और बचाव का काम कर सके।

सड़क और फेरी सेवा पर भी असर
सरकार ने कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित कर दी है। इनमें गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाला कलिंगा घाट भी शामिल है। मौसम खराब रहने के कारण चिल्का झील में सतपाड़ा और जहनिकुड़ा के बीच फेरी सेवा 25 सितंबर तक चार दिनों के लिए बंद रहेगी।

बाढ़ और भूस्खलन से निपटने की तैयारी
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को ठहराने के लिए चक्रवात व बाढ़ आश्रय केंद्र तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक जरूरी सामान, उपकरण, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सेवाएं तैयार रखी गई हैं। आपदा प्रबंधन टीमें भी हाई अलर्ट पर हैं। नदियों, जलाशयों और बांधों में पानी के स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गजपति में 140 संवेदनशील जगहों की पहचान
गजपति के जिला कलेक्टर अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि जिले में भूस्खलन और मलबा गिरने की आशंका वाले 140 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। लोगों को इन जगहों पर जाने से रोका गया है। बारिश से पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से तेजी से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने 33 ODRAF टीमें तैनात की हैं। इनमें 24 टीमें संवेदनशील जिलों में भेजी गई हैं, जबकि नौ अतिरिक्त टीमें गंजाम जिले के छत्रपुर में रिजर्व रखी गई हैं।

सात जिलों में बचाव दल तैनात
गंजाम, गजपति, कोरापुट, मलकानगिरी, रायगड़ा, कालाहांडी और बोलांगीर जिलों में रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। पहाड़ी और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में सड़कों को साफ करने के लिए अर्थमूविंग मशीनें भी पहले से लगा दी गई हैं। बोंडाघाटी, बयापाड़ा और बड़ा दुराल जैसे इलाकों में इन मशीनों की मदद ली जा रही है।

23-24 सितंबर को बेहद भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने 23 और 24 सितंबर को दक्षिणी ओडिशा में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक 22 सितंबर से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है और 25 व 26 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 23 और 24 सितंबर के लिए कोरापुट, गजपति और गंजाम में रेड वार्निंग जारी की गई है, जहां 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है। वहीं 24 और 25 सितंबर के लिए कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी इसी तरह की चेतावनी दी गई है।

समुद्र में न जाएं मछुआरे, पुरी में नहाने पर रोक
मौसम विभाग ने मछुआरों को 24 सितंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास समुद्र की स्थिति खराब से बेहद खराब रहने की आशंका है। पुरी जिला प्रशासन ने समुद्र तटों पर लाल झंडे लगा दिए हैं और 24 सितंबर तक समुद्र में नहाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। IMD ने 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तट और उसके आसपास 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है।

मलकानगिरी में शराब की दुकानें भी बंद रहेंगी
मलकानगिरी के जिला कलेक्टर प्रथमेश अरविंद राजसिर्के ने सभी BDO और तहसीलदारों को 24 सितंबर को शराब की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा बनाए रखना है। बाढ़ प्रभावित और खतरनाक इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने को भी कहा गया है, खासकर पंगम और कन्याश्रम पुलों के आसपास।

तेलंगाना में भी भारी बारिश का अलर्ट
ओडिशा और आंध्र के साथ तेलंगाना में भी अगले दो दिन मौसम चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। IMD के मुताबिक 23 और 24 सितंबर को पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु और कुछ अन्य जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है। 23 सितंबर को कोमाराम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, जगतियाल, करीमनगर और अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 24 सितंबर को आदिलाबाद, निजामाबाद, जगतियाल, खम्मम और नलगोंडा में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

तेलंगाना में CM ने अधिकारियों को दिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश
बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम, साइबराबाद नगर निगम और मलकाजगिरी नगर निगम के आयुक्तों के साथ पुलिस आयुक्तों और हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे हालात पर लगातार नजर रखें और मुख्य सड़कों, चौराहों तथा रिहायशी इलाकों में जलभराव रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं। बारिश से जुड़ी राहत और बचाव की तैयारियां भी तेज करने को कहा गया है।

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दक्षिण भारत के बड़े हिस्से पर मौसम की नजर
फिलहाल ओडिशा में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है, जबकि तेलंगाना में भी स्थानीय प्रशासन को जलभराव और भारी बारिश से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। आने वाले 24 से 48 घंटे दोनों राज्यों के लिए अहम हैं, क्योंकि IMD ने कई इलाकों में भारी से बेहद भारी बारिश और तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।

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