समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि मुंबई और इससे सटे इलाकों में आने वाले दो दिनों में भारी बारिश होने के आसार हैं। तेज हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
बता दें कि बारिश की वजह से मुंबई पहले ही परेशान है। बीते दिनों भारी बारिश के चलते कई लोकल ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं। शहर में यातायात व्यवस्था एक तरह से ठप पड़ गई थी। वाहन पानी में फंस रहे थे, इस वजह से जाम भी लग रहा था।
मॉनसून समाप्त होने की ओर है और इस सप्ताह गुजरात में भारी बारिश हुई है। रविवार को दक्षिणी गुजरात के कई हिस्सों में बहुत तेज बारिश हुई। सूरत के उमरपाड़ा तालुका में रविवार की शाम दो घंटे में 59 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राजकोट में इस दशक में सबसे ज्यादा 216 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। यह राजकोट में अब तक की दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है। इससे पहले 14 जुलाई 1950 को सर्वाधिक 375.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
बनासकांठा में भारी बारिश की वजह से बाढ़ के हालात हो गए। बुलसर में 110, नलिया मे 85, ओखा में 57, सूरत में 47, पोरबंदर में 35 और अहमदाबाद में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कुछ दिन पहले राजस्थान में एक ही दिन में 70 से लेकर 150 मिलीमीटर बारिश हुई थी। नागौर के दिदवाना में 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। भुहाना और फागी में 110-110 मिलीमीटर बारिश हुई थी और छिरावा व नीम का थाना में 100-100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
सोमवार को भारी बारिश की वजह से ओडिशा के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे। मौसम विभाग कुछ जिलों में रेड वार्निंग जारी की है। इन जिलों में आने वाले एक सप्ताह में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
मलकानगिरि, रायगादा और नवरंगपुर में बारिश की वजह से जमजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मलकानगिरि में सड़क यातायाव बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पोटेरू, कानकोरावकोंडा, कन्याश्रम, एमवी-90 और कोरकुंडा जैसे निचले क्षेत्रों में स्थित कई पुल बाढ़ में डूब गए हैं।
बारपेटा जिले में एक और मौत के साथ राज्य में बारिश और बाढ़ की वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा 88 हो गया। इस आपदा की वजह से राज्य के 1716 गांवों की 21.68 लाख आबादी प्रभावित हुई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक बारपेटा समेत ढेमाजी, सोनितपुर, दर्रांग, बकसा, नलबाड़ी, चिरांग, बोंगाईगांव, कोकराझर, ढुबरी, होलपारा, कमरुप, मोरीगांव, नगांवस गोलाघाट, जोरहाट और कछार आदि जिले इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
पिछले कुछ दिनों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के चलते बिहार में भी स्थिति अस्त-व्यस्त हो गई है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य के 13 जिलों के लगभग 85 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से दरभंगा जिले में सबसे ज्यादा 12 लोगों की मौत हुई है।
जम्मू-कश्मीर में कुछ दिनों पहले सड़कों पर पानी भर गया था। मौसम विभाग ने राज्य में भारी वर्षा की संभावना जताई थी। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश हुई है। यहां इस वजह से कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अलीगढ़ में बारिश की वजह से दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हुई थी। दो की मौत रायबरेली में और बांदा व मिर्जापुर में बिजली गिरने से एक-एक मौत हुई।