राजस्थान पेपर लीक के आरोपी रामकृपाल को 'सुप्रीम' राहत
राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा, 2021 प्रश्नपत्र लीक मामले के आरोपी रामकृपाल मीणा को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। पेपर लीक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मीणा को जमानत मिली है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्ल भुइयां की पीठ राजस्थान हाईकोर्ट के जमानत से इन्कार करने के आदेश को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
उसे पहले ही इस अपराध में जमानत मिल चुकी है और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गवाहों की जांच में समय लगेगा। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने मीणा को जमानत देने का निर्णय लिया। मामले के अजीबोगरीब तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि मामले में पीएमएलए की धारा 45 की कठोरता में ढील दी जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि जमानत की शर्तें सत्र न्यायालय तय करेगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मीणा का पासपोर्ट विशेष न्यायालय के पास रहेगा। साथ ही वह अपनी अचल संपत्तियों की सूची प्रस्तुत करेगा, जिसे ईडी कुर्क करने के लिए स्वतंत्र होगा। साथ ही उसका बैंक खाता जब्त रहेगा। मीणा को गत वर्ष जून में गिरफ्तार किया गया था।
जेल से इंटरव्यू: रद्द नहीं होगी बिश्नोई पर FIR
जेल से टीवी चैनल को साक्षात्कार देने के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर रद्द नहीं होगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने दायर याचिका को खारिज कर दिया। एफआईआर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज की गई थी। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने जिस समय टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया था, तब वह हाई सिक्योरिटी बठिंडा जेल में बंद था।
वह महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 के तहत जेल में सजा काट रहा है। एसआईटी का गठन यह जांच करने के लिए किया गया था कि जेल में बंद बिश्नोई एक निजी टीवी चैनल के इंटरव्यू में कैसे दिखाई दिया। बिश्नोई पर 29 मई, 2022 को हुई पंजाब के गायक सिंधु मूसेवाला की हत्या का आरोप है। पंजाब पुलिस ने आरोप लगाया था कि बिश्नोई ने तिहाड़ जेल में हत्या की साजिश रची थी। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 समेत लगभग 57 एफआईआर दर्ज हैं। वह वर्तमान में साबरमती जेल में बंद है।
चिकित्सा आधार पर नवाब मलिक को मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन के मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को मंगलवार को चिकित्सा आधार पर जमानत दे दी। मलिक की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि वह विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि मलिक को बंबई हाईकोर्ट के समक्ष नियमित जमानत याचिका के निपटारे तक चिकित्सा आधार पर जमानत दी गई है।