सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की एक बेंच मंगलवार को देश में समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने वाली याचिका की सुनवाई करेगा। सुनवाई कर रही बेंच की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ करेंगे। इसपर पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर एक सवाल पूछा है।
कपिल सिब्बल ने किया ट्वीट
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को सुनवाई से पहले मंगलवार ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि समलैंगिक विवाह, सुप्रीम कोर्ट सुनने को तैयार है, लेकिन क्या समाज सुनने को तैयार है।
बेंच में पांच जज होंगे शामिल
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ कर रहे हैं। इसके अलावा बेंच में जस्टिस एस के कौल, जस्टिस एस रविंद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट देश में समान लिंग शादियों को कानूनी मान्यता देने के लिए सुनवाई कर रहा है।
2018 से हो रही है मांग
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में धारा 377 को रद्द कर दिया था। इसके बाद से भारत में समान लिंग के बीच संबंध बनाना अप्राकृतिक नहीं रह गया था। धारा 377 खत्म करने के बाद से देश में लगातार समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने की मांग उठ रही थी। हालांकि, केंद्र इस मामले का शुरू से विरोध कर रहा है।