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अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, मध्यस्थों के मांगे नाम

Wed, 06 Mar 2019 11:28 AM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला

खास बातें

  • जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, यह केवल जमीन विवाद नहीं बल्कि भावनाओं, धर्म और विश्वास से जुड़ा मामला है।
  • जब मध्यस्थता की प्रक्रिया चल रही हो तो उसकी रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए। 
  • मुस्लिम याचिकाकर्ता मध्यस्थता और समझौते को तैयार हैं।
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supreme court - फोटो : PTI
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लाइव अपडेट

12:32 PM, 06-Mar-2019

हिंदू पक्ष ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर सभी पक्षों में समझौता हो भी जाता है तो समाज इसे कैसे स्वीकार करेगा? इसपर जस्टिस बोबडे ने कहा कि कोर्ट समझौते पर सहमति देता है और आदेश पास करता है तो वो सभी को मानना होगा।

12:21 PM, 06-Mar-2019

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पक्षों से मध्यस्थ और मध्यस्थों के पैनल के नाम का सुझाव मांगा है। 

12:13 PM, 06-Mar-2019

रामलला की ओर से कहा गया है कि अयोध्या का अर्थ है राम जन्मभूमि। मस्जिद किसी दूसरे स्थान पर बन सकती है। ये मामला बातचीत से हल नहीं हो सकता।

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12:11 PM, 06-Mar-2019

जस्टिस भूषण ने कहा कि अगर पब्लिक नोटिस दिया जाएगा तो मामला कई सालों तक चलेगा। वहीं जो मध्यस्थता होगी वो कोर्ट की निगरानी में होगी।

12:10 PM, 06-Mar-2019

हिंदू महासभा ने कोर्ट में कहा है कि वह मध्यस्थता के लिए इसलिए तैयार नहीं है क्योंकि वह चाहते हैं कि मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा जाए, इससे पहले नोटिस जरूरी है। उनका कहना है कि ये उनकी जमीन है इसलिए वह मध्यस्थता को तैयार नहीं है।

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12:03 PM, 06-Mar-2019

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर एक घंटे तक सुनवाई चली है। कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रखा है।

11:54 AM, 06-Mar-2019

मुस्लिम याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील राजीव धवन ने कहा, "मुस्लिम याचिकाकर्ता मध्यस्थता और समझौते के लिए तैयार हैं।"

11:48 AM, 06-Mar-2019

जस्टिस एसए बोबडे ने सुनवाई के दौरान कहा कि जो पहले हुआ उसपर हमारा नियंत्रण नहीं है, अब विवाद क्या है हम उसपर बात कर रहे हैं।

11:45 AM, 06-Mar-2019

जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि जब मध्यस्थता की प्रक्रिया चल रही हो तो उसकी रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए। गोपनीयता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

11:40 AM, 06-Mar-2019

जस्टिस एसए बोबडे ने सुनवाई के दौरान कहा कि "जो अतीत में हुआ उसपर हमारा कोई निंयत्रण नहीं है, किसने आक्रमण किया, कौन राजा था, मंदिर था या मस्जिद। हमें वर्तमान विवाद के बारे में पता है। हम केवल विवाद को सुलझाने को लेकर चिंतित हैं।"
 

 

11:37 AM, 06-Mar-2019

सुनवाई के दौरान जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, यह केवल जमीन विवाद नहीं बल्कि भावनाओं, धर्म और विश्वास से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि इसमें मध्यस्थ नहीं बल्कि मध्यस्थों का एक पैनल होना चाहिए।

11:37 AM, 06-Mar-2019

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। उन्होंने मंगलवार को कहा था कि अगर एक फीसदी भी गुंजाइश हो तो मामला बातचीत के जरिये सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। 

11:25 AM, 06-Mar-2019

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, मध्यस्थों के मांगे नाम

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट थोड़ी देर में तय कर सकता है मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा जाए या नहीं।
 

 

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