एक तरफ भारतीय रेलवे अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए ट्रेनों और स्टेशनों पर ब्रांड्स का प्रमोशन और विज्ञापन लगा रही है। इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारतीय रेलवे को सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले खतरनाक उत्पादों का प्रमोशन न करने के लिए कहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रेलवे को कमाई के लिए ऐसे खतरनाक उत्पादों का प्रचार नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने भारताय रेलवे को तंबाकू, शराब, चीनी, ज्यादा नमक जैसे सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों का प्रचार न करने की हिदायत दी है।
हेल्थ सेक्रेटरी सी के मिश्रा ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ए के मित्तल को लिखे अपने पत्र में कहा कि ऐसे उत्पाद जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, उन्हें प्रमोट करने का नकारात्मक असर होगा। इससे सरकार की उन योजनाओं पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा जो इन उत्पादों को छोड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करती हैं।
रेलवे की नई नीति के तहत कोई भी कंपनी अपने उत्पादों के प्रमोशन के लिए पूरी ट्रेन या स्टेशन को इस्तेमाल में लाने का मीडिया अधिकार खरीद सकती है और अपने उत्पादों का प्रचार कर सकती है। मिश्रा ने कहा कि इससे लोगों में खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाएगा।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय इन खतरनाक उत्पादों पर अधिक टैक्स लगाकर इनके सेवन को कम करवाने की कोशिश कर रही है। इस वजह से उसने भारतीय रेलवे से कहा कि वो इन खतरनाक उत्पादों के प्रमोशन का माध्यम न बने।