बयान में कहा गया है कि हालिया एनएचएच के अनुमान (2018-19) आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च (ओओपीई) में पर्याप्त कमी दिखाता है, जो नागरिकों के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को आंकड़ों की सटीकता पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा कि 2018-19 के राष्ट्रीय स्वास्थ्य खातों के अनुमानों में आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च (ओओपीई) में पर्याप्त कमी आई है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि नागरिकों के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) स्वास्थ्य क्षेत्र के भीतर किए गए खर्च पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है जो कि जरूरी है क्योंकि यह न सिर्फ देश में स्वास्थ्य प्रणाली का प्रतिबिंब है बल्कि सरकार को स्वास्थ्य में प्रगति की निगरानी करने में सक्षम बनाता है।
बयान में कहा गया है कि हालिया एनएचएच के अनुमान (2018-19) आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च (ओओपीई) में पर्याप्त कमी दिखाता है, जो नागरिकों के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
विज्ञापन
एक राष्ट्रीय दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएचए ने न कवेल जेब खर्च में भारी कमी की है बल्कि 2017-19 में भी कमी आई है। रिपोर्ट में स्वास्थ्य वित्त विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया गया था कि इस तरह की कमी संभव नहीं है।