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BJP Vs AAP: केजरीवाल के मंत्री ने कराया 10 हजार लोगों का धर्मांतरण, भाजपा ने आप को बताया हिंदू विरोधी

सार

BJP Vs AAP: भाजपा नेता मनोज तिवारी ने एक विडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री न केवल हिंदू धर्म के खिलाफ शपथ ले रहे हैं, बल्कि वे अपने साथ भारी संख्या में लोगों को हिंदू विरोधी शपथ दिलवा भी रहे हैं...
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AAP leader Rajendra Pal Gautam posted photos from the event on October 5, on Vijaya Dashami - फोटो : Agency
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद के नेता दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘हिंदू विरोधी’ करार दे रहे हैं। भाजपा ने यह आरोप केजरीवाल सरकार के एक मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की उपस्थिति में 10 हजार लोगों को हिंदू धर्म से बौद्ध धर्म में धर्मांतरण कराने के बाद आया है। कथित तौर पर इस कार्यक्रम में शामिल लोगों से हिंदू देवी-देवताओं राम-कृष्ण, विष्णु और शंकर की पूजा न करने की शपथ भी दिलाई गई। भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे अरविंद केजरीवाल का हिंदू विरोधी चेहरा बताया है।

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भाजपा नेता मनोज तिवारी ने एक विडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री न केवल हिंदू धर्म के खिलाफ शपथ ले रहे हैं, बल्कि वे अपने साथ भारी संख्या में लोगों को हिंदू विरोधी शपथ दिलवा भी रहे हैं। भाजपा नेता ने पूछा है कि आम आदमी पार्टी इतनी हिंदू विरोधी क्यों है?

भाजपा के एक अन्य नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट कर कहा है कि केजरीवाल का एक मंत्री मंच पर खड़े होकर हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित करने वाली बातें कह रहे हैं। इसी से समझ आ जाता है कि केजरीवाल दीपावली-दशहरे पर पाबंदी क्यों लगाते हैं और कश्मीरी पंडितों के मामले पर वे झूठ क्यों बोलते हैं। विहिप ने इसे राजनीति का सबसे खराब चेहरा बताया है और इस धर्मांतरण की घटना के बाद आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है। हालांकि आम आदमी पार्टी या दिल्ली सरकार ने इस घटना पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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क्या है विडियो की सच्चाई?

दरअसल, दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पांच अक्तूबर को ये समाचार साझा किया है कि उन्होंने अशोक विजयदशमी पर दस हजार लोगों को बौद्ध धर्म की दीक्षा दिलाई। इस प्रकार इन लोगों को हिंदू धर्म से बौद्ध धर्म में लाने के लिए आवश्यक शपथ भी दिलाई गई। इसी कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को हिंदू देवी-देवियों राम, कृष्ण, विष्णु, शिव और पार्वती की पूजा न करने की शपथ दिलाई गई।

इसे ‘घर वापसी’ का नाम दिया गया है और इसे डॉ. बाबा साहब आंबेडकर के सपनों के अनुसार जातिविहीन समतामूलक समाज की स्थापना के लिए आवश्यक बताया गया है। जानकारी के मुताबिक़, इस कार्यक्रम में डॉ. आंबेडकर के पौत्र राजरत्न आंबेडकर ने भी हिस्सा लिया और उन्हीं की अगुवाई में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कथित तौर पर इसी कार्यक्रम में बौद्ध धर्म के धर्मगुरुओं ने उपस्थित लोगों को हिंदू देवी-देवताओं की पूजा न करने की शपथ दिलवाई। केजरीवाल के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम स्वयं इस वीडियो में कार्यक्रम में शामिल होते और शपथ लेते दिखाई पड़ रहे हैं। धर्मांतरण की घटना के बाद उन्होंने इस मंच से भाषण भी दिया और समाज में सभी वर्गों को एक सामान स्तर पर लाने के लिए इसे आवश्यक भी बताया।   

भाजपा ने की आलोचना

दिल्ली भाजपा की प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि यह हिंदू समाज को कमजोर करने और उन्हें धर्म के आधार पर बांटने की साजिश है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल बार-बार हिंदू विरोधी कार्य करते हैं और हिंदू समाज के विरुद्ध बयानबाजी करते हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर बनने के सवाल पर भी कहा था कि वे नहीं चाहते कि अयोध्या में मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाया जाए। इसी प्रकार जब पूरा देश कश्मीरियों के दुःख के साथ खड़ा था, वे कश्मीर में मारे गये कश्मीरी हिंदू पंडितों की मौत का मजाक उड़ा रहे थे।

भाजपा नेता नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री एक संवैधानिक पद पर हैं। उन्हें संविधान की मूल भावना का ध्यान रखते हुए सभी वर्गों के विकास के लिए काम करना चाहिए, लेकिन जब उनकी ही सरकार के मंत्री हिंदू समाज को तोड़ने और उसे कमजोर करने का काम कर रहे हों, तो केजरीवाल की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। इससे उनका असली चेहरा लोगों के सामने आ जाता है। उन्होंने कहा कि गुजरात में लोगों का वोट लेने के लिए वे स्वयं को शिव भक्त की तरह से दिखाने का प्रयास करते हैं, लेकिन उन्हीं की सरकार के मंत्री हिंदू समाज के खिलाफ काम कर रहे हैं।

विहिप ने की कार्रवाई की मांग

इस धर्मांतरण की घटना पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कठोर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने इसे साजिशन हिंदू समाज को बांटने और कमजोर करने की साजिश बताया है। विहिप के वरिष्ठ नेता विनोद बंसल ने आरोप लगाया है कि अब तक अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही थी और ईसाई मिशनरियों का साथ दे रही थी। अब उसके मंत्री खुलेआम हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के खिलाफ बातें कर रहे हैं और लोगों से उनके खिलाफ शपथ दिलवा रहे हैं। बंसल ने इसे सबसे खराब राजनीति का चेहरा बताया है और कहा है कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

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