14 अप्रैल को देशभर में जारी लॉकडाउन खत्म हो सकता है। इसके मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक योजना तैयार की है। जिसमें उन क्षेत्रों, शहरों, गांवों और पड़ोस का खाका तैयार किया गया है जहां बड़ी संख्या में कोरोना वायरस फैला है। इन स्थानों पर सर्विलांस के जरिए नजर रखी जाएगी।
यह रणनीति 2009 में महामारी एन1एन1 फ्लू से लिए गए सबक पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी जनसंख्या वाले और अच्छी कनेक्टिविटी वाले शहरों में जहां लोगों की गतिविधि ज्यादा है वहां वायरस ज्यादा फैला है। वहीं ग्राणीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में जहां जनसंख्या कम है और कनेक्टिविटी कम है वहां बहुत कम मामले सामने आए हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के अनुसार, 'कोविड-19 का वर्तमान भौगोलिक वितरण एच1एन1 इन्फ्लूएंजा महामारी की तरह है। इससे पता चलता है कि हमारी आबादी में कोविड-19 का प्रसार अधिक हो सकता है, ऐसी संभावना नहीं है कि यह देश के सभी हिस्सों को समान रूप से प्रभावित करेगा। इससे पता चलता है कि वायरस का विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव अलग है। वहीं वायरस के हॉटस्पॉट पर नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है।'