स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी और अधिक कोविड टीके नहीं खरीदने का फैसला किया है। करीब 1.8 करोड़ खुराक अभी भी केंद्र और राज्यों सरकारों के पास उपलब्ध हैं और यह स्टॉक करीब छह महीने तक टीकाकरण अभियान को जारी रखने के लिए पर्याप्त है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया मंगलवार को देश में कोरोना वायरस की स्थिति और चल रहे टीकाकरण अभियान की समीक्षा करेंगे, ताकि आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला किया जा सके। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
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सूत्रों ने रविवार को कहा कि मंत्री कोविड-19 प्रोटोकॉल की भी समीक्षा करेंगे। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव राजेश एस. गोखले, भारतीय चिकित्सा अनुसंदान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशकर राजीव बहल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी.के. पॉल और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष एन.के. अरोड़ा सहित शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी और अधिक कोविड टीके नहीं खरीदने का फैसला किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, करीब 1.8 करोड़ खुराक अभी भी केंद्र और राज्यों सरकारों के पास उपलब्ध हैं और यह स्टॉक करीब छह महीने तक टीकाकरण अभियान को जारी रखने के लिए पर्याप्त है, क्योंकि कोविड के मामलों में गिरावट आने के कारण लोग कम टीकाकरण कर रहे हैं।
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत की 98 फीसदी वयस्क आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिल चुकी है, जबकि 92 फीसदी को पूरी तरह से टीका लगाया जा चुका है।
इसके अलावा 15 से 18 वर्ष की आयु के 83.7 फीसदी किशोरों को पहली खुराक के साथ टीका लगाया गया है। जबकि 72 फीसदी को पहली और दूसरी दोनों खुराक मिली हैं। इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण 3 जनवरी को शुरू किया गया था। वहीं 12-14 आयु वर्ग में 87.3 फीसदी को पहली खुराद दी गई है, जबकि 68.1 फीसदी को पूरी तरह से टीका लगाया गया है।