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मरीजों को अस्पतालों से लौटाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी चेतावनी, कहा- ऐसा करने वाले पर होगी सख्त कार्रवाई

Sat, 18 Apr 2020 11:30 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, नई दिल्ली
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डॉ हर्षवर्धन - फोटो : ani
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हाल के कुछ दिनों में कोविड-19 के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इलाज के बगैर अस्पतालों से लौटाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि यदि ऐसे किसी भी मरीज को इलाज किए बिना वापस लौटाया जाता है तो इस मामले में अस्पताल और स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन और यहां के प्रमुख केंद्रीय अस्पतालों के, दिल्ली सरकार के अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों और एमसीडी के नगर आयुक्तों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में यह बात कही।
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हर्षवर्धन ने कहा कि उन्हें फोन, सोशल मीडिया, ट्विटर और प्रिंट मीडिया के जरिए तमाम शिकायतें मिली हैं कि कोविड-19 के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बिना इलाज लौटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन मरीजों में ऐसे लोग हैं जिन्हें डायलिसिस, खून चढ़ाने की जरुरत है या फिर जिन्हें सांस लेने संबंधी और हृदय रोग हैं।

मंत्री ने कहा कि हमें आपात स्थिति में अस्पताल आने के बाद इलाज से मना किए जाने वाले इन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के बारे में सोचना होगा। उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा है, ऐसे में उन्हें तुरंत इलाज नहीं मिल रहा है और उनकी मौत हो जा रही है। 

उन्होंने सभी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों से कहा कि वे कोविड-19 के अलावा अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का भी उतने ही गंभीरता से ख्याल रखें।

मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन सभी के लिए परीक्षा का समय है, जो लोग बीमार है और जिन्हें इलाज की जरुरत है वे इन हालात में बड़ी मुश्किल से घर से निकल कर अस्पताल तक पहुंच रहे हैं। 

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राज्यों में हेल्पलाइन सेवा...

मंत्रालय ने राज्यों से स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देना बेहद आवश्यक है। मरीजों की मदद के लिए हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाए ताकि वह समस्या सरकार तक पहुंचा सकें। 

निगरानी में राज्यों की मदद भी करेंगे एम्स

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली, भोपाल, रायपुर, जोधपुर, भुवनेश्वर और ऋषिकेश एम्स के अलावा पीजीआई चंडीगढ़ व पुड्डुचेरी के जेआईपीएमईआर संस्थान को इलाज के साथ ही मरीजों की निगरानी में राज्य सरकारों की मदद करने का निर्देश दिया है। दिल्ली एम्स ने निगरानी के लिए चार टीमों का गठन कर दिया है, जो निगरानी के साथ ही सामुदायिक स्तर पर भी काम करेंगी।

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