कोविड-19 से जुड़े स्वास्थ्य विशेषज्ञ का मानना है कि देशव्यापी कोरोना वायरस सीरोलॉजिकल सर्वे लाभप्रद होगा। इससे कोविड टीकाकरण, लॉकडाउन लगाने, सही वायरल लोड जानने में मदद मिलेगी। सीरो सर्वे से किसी खास स्थान या जगह में जनसंख्या में संक्रमण के ट्रेंड को जानने में मदद मिलती है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में देशव्यापी चौथे सीरो सर्वे का एलान किया है। एम्स के मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने कहा कि ज्यादातर कोविड-19 मरीज बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले हैं। इन लोगों ने हो सकता है कि कोई जांच या मेडिकल मदद न ली हो। इसलिए ऐसे लोगों की एक बड़ी संख्या हो सकती है जो संक्रमित हुए हो लेकिन अपनी स्थिति से अवगत न हों।
सीरो सर्वे की मुख्य भूमिका संक्रमण के वास्तविक भार को जानना है। विशेषज्ञों के अनुसार, सीरो सर्वे से किसी खास इलाके के लिए विशेष रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है और इससे संक्रमण दर को कम किया जा सकता है।
डॉ. निश्चल ने कहा कि कोई भी इस तरह के सर्वे के आधार पर रणनीति तय कर सकता है। इसके जरिए लोगों को उस इलाके में टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है और उस इलाके में टीकाकरण रणनीति को हम मजबूत कर सकते हैं। साथ ही यदि किसी खास इलाके में संक्रमण फैलता है तो उस इलाके में माइक्रो लॉकडाउन लगाकर अन्य लोगों को सुरक्षित किया जा सकता है। आईसीएमआर ने इसी महीने से देशव्यापी सीरो सर्वे शुरू कर दिया है।