भारत जैसे विशाल देश में कोरोना वायरस के मामले एक साथ चरम पर नहीं पहुंचेंगे। अलग-अलग राज्यों में संक्रमण के चरम का वक्त अलग होगा। दिल्ली में जुलाई अंत या अगले महीने की शुरुआत तक संक्रमण अपने शीर्ष पर पहुंच सकता है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (आईआईपीएच) के निदेशक प्रोफेसर जीवीएस मूर्ति के मुताबिक, अगले दो सप्ताह में दिल्ली में कोरोना का प्रकोप अपने चरम पर होगा। तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में यह सितंबर के आसपास चरम पर पहुंच सकता है।
झारखंड जैसे राज्य में इसमें ज्यादा वक्त लग सकता है, क्योंकि वहां प्रवासी मजदूरों के लौटने के बाद ही संक्रमण फैला है। हर राज्य में इसका चरम अलग होगा और इस पर निर्भर करेगा कि उसके लोग इसकी चपेट में कब आए।
हाथ धोना, सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी
प्रोफेसर मूर्ति ने कहा कि उदाहरण के लिए बिहार में अन्य शहरों खासतौर से मुंबई और दिल्ली से प्रवासी मजदूरों के लौटने के बाद अचानक से बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले सामने आने लगे। संक्रमित व्यक्ति को अपने परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमित करने में 10 से 14 दिन लगते हैं और फिर संक्रमण का नया दौर शुरू होगा।
सरकार को वायरस से निपटने के लिए एहतियाती कदमों को जारी रखने की जरूरत है। लोगों को भी हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जारी रखना होगा।