कोरोना वायरस की जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर का बनाया हुआ पोर्टेबल जांच उपकरण।
- फोटो : IIT Kharagpur
आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस की जांच के लिए पोर्टेबल रेपिड जांच उपकरण तैयार किया है। इसके जरिये बिना आरटी-पीसीआर मशीनों के भी जांच की जा सकती है। इस उपकरण से कहीं भी जांच की जा सकती है और इस पर 400 रुपये का खर्च आएगा।
संस्थान ने तकनीक के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है। साथ ही इसके इस्तेमाल को लेकर सरकार से मंजूरी मांगी है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मरीज की लार के सैंपल से लिए गए आरएनए जांच की यह पूरी प्रक्रिया सबसे सस्ते पोर्टेबल इन्क्लोजर में होगी, जो कि लैब की खास मशीनों का विकल्प है।
हर बार उपयोग के बाद पेपर काट्ररेज बदलकर बड़ी संख्या में जांच की जा सकेगी। इसमें जांच के लिए एक डिस्पोजेबल साधारण पेपर-स्ट्रिप इस्तेमाल किया जाता है। पोर्टेबल इन्क्लोजर एन्क्लोसर में वायरस के जीन (आरएनए) की उपस्थिति का पता लगाने में सक्षम होगी। एक जांच का परिणाम लगभग 60 मिनट में आ जाता है।
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर वीके तिवारी ने शनिवार को बताया, यह पोर्टेबल नॉन-इनवेसिव रेपिड डिटेक्शन टेस्ट का कांसेप्ट मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रो. सुमन चक्रवर्ती और स्कूल ऑफ बायो साइंस के डॉ. अरिंदम मंडल की टीम ने तैयार किया है।
उपकरण का डिजाइन और निर्माण कार्य डॉक्टरेट के छात्र सुजय कुमार विश्वास, जैव विश्लेषणात्मक प्रोटोकॉल का मानकीकरण डॉक्टरेट के छात्र सप्तर्षि बनर्जी व दिता केडिया और थर्मल यूनिट बनाने में डॉ. आदित्य बंदोपाध्याय ने मदद की है।