उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता शहर में शनिवार को एक रैली निकाली। यह मार्च बिड़ला तारामंडल से शुरू हुआ और करीब दो किलोमीटर दूर गांधी प्रतिमा के सामने खत्म हुआ।
इस दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए देश में ‘तानाशाही’ चलाने का आरोप लगाया और कहा कि भगवा पार्टी महामारी है जो सबसे ज्यादा अनुसूचित जातियों को प्रताड़ित करती है।
ममता बनर्जी ने रैली में कहा कि 'मेरा हाथरस जाने और पीड़िता के परिवार से मिलने का मन कर रहा है। जो हुआ, वह निंदनीय है। अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जातियों के खिलाफ हो रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। मैं अपने अनुसूचित जाति के भाइयों और बहनों के साथ खड़ी रहूंगी। मेरे लिए मेरी जात मानवता है। मैं जाति और धर्म के आधार पर भेद करने में विश्वास नहीं करती।'
उन्होंने कहा कि ‘देश में तानाशाही की स्थिति है। भाजपा लोगों के लिए नहीं बल्कि लोगों के खिलाफ सरकार चला रही है।’ कोविड-19 महामारी से निपटने में कथित नाकामी के लिए केंद्र पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा कि 'ऐसा लगता है कि सामुदायिक स्तर पर संक्रमण फैलना शुरू हो गया है, क्योंकि जो लोग घर से बाहर नहीं निकले, सुरक्षित माहौल में रहे वे भी अब संक्रमित हो रहे हैं।' बनर्जी ने हमला करते हुए कहा कि ‘कोविड-19 नहीं बल्कि भाजपा सबसे बड़ी महामारी है।'
बता दें कि बनर्जी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि 'रावण द्वारा अपहरण किए जाने के बाद देवी सीता को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा था और हाल में हाथरस में कथित सामूहिक दुष्कर्म और बर्बरता की शिकार युवती को भी रात के अंधेरे में चिता की अग्नि के हवाले कर दिया गया।'
ममता बनर्जी ने गुरुवार को ही दुष्कर्म पीड़िता के शव को परिजनों की अनुमति के बिना जलाने पर योगी सरकार पर निशाना साधा था। ममता बनर्जी ने कहा था कि 'उत्तर प्रदेश में न केवल पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसके शरीर को जला दिया गया। अगर कोई अपराध हुआ है तो पुलिस को जांच करनी चाहिए। यह किस तरह का नियम है? कभी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है, कभी अनुसूचित जातियों पर अत्याचार होता है और कभी 'आदिवासियों' पर अत्याचार होता है।'