प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट तौर पर सफल होने के बाद स्वामित्व योजना राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस 24 अप्रैल, 2021 को लॉन्च की थी। इसमें ग्रामीणों को उनकी आबादी का चिह्नांक कर घरौनी अधिकार पत्र दिया जाता है।
स्वामित्व योजना में अपने नागरिकों को घरौनी देने का काम पूरा करने वाला हरियाणा पहला राज्य बनने जा रहा है। केंद्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वहां आबादी के ड्रोन सर्वे से प्रॉपर्टी टाइटल डीड तैयार करने तक का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। वहीं, उत्तराखंड यह उपलब्धि हासिल करने वाला दूसरा राज्य हो सकता है। राज्य के अधिकारियों ने केंद्र सरकार को घरौनी वितरण का काम 15 अगस्त तक पूरा करने का आश्वासन दिया है।
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केंद्रीय पंचायतीराज मंत्री गिरिराज सिंह सोमवार को उत्तराखंड में थे। वहां के अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सुदूर के 15-16 गांवों को छोड़ बाकी सभी गांवों में ड्रोन सर्वे का काम पूरा हो गया है। प्रॉपर्टी टाइटल डीड तैयार करने का काम चल रहा है।
बंगाल-बिहार सहित पांच राज्य योजना से अभी दूर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट तौर पर सफल होने के बाद स्वामित्व योजना राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस 24 अप्रैल, 2021 को लॉन्च की थी। इसमें ग्रामीणों को उनकी आबादी का चिह्नांक कर घरौनी अधिकार पत्र दिया जाता है। योजना लॉन्च हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत गया है, लेकिन पश्चिम बंगाल, बिहार, मेघालय व नागालैंड इस योजना में शामिल नहीं हुए हैं।
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अधिकारी ने बताया कि केंद्र ने राज्यों को योजना की खूबियों व उससे आम लोगों को होने वाले फायदे की लगातार जानकारी दी है। मगर, इन राज्यों ने अभी तक योजना में शामिल होने के लिए एमओयू के लिए सहमति नहीं दी है।
सभी नागरिकों को घरौनी देने की समय सीमा मार्च 2023
स्वामित्व योजना में अपने नागरिकों को घरौनी देने का काम पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश में तेजी से काम चल रहा है। हालांकि सबसे बड़ा राज्य होने की वजह से वहां समय लग रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, यूपी के करीब 69 हजार गांवों में ड्रोन उड़ चुका है जबकि 26 हजार गांवों में उड़ना बाकी है। राज्य को अक्तूबर तक समस्त गांवों में ड्रोन सर्वे का काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। वहां मार्च, 2023 तक घरौनी वितरित कर योजना को पूर्ण किया जाना है।