जेट एयरवेज को इन दिनों आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कंपनी के परेशान पायलटों ने नौकरी के लिए स्पाइसजेट से संपर्क किया है। इससे पहले इंडिगो ने जेट के पायलटों को लंबित तनख्वाह और अन्य लाभों के साथ मुआवजा देने की बात कहकर लुभाने की कोशिश की थी। इस वजह से कंपनी को अपने ही पायलटों के विरोध का सामना करना पड़ा था।
सबसे बड़ी एयरलाइन इस समय कॉकपिट क्रू की कमी का सामना कर रही है। पिछले महीने ही उसे अपनी हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। इंजीनियर और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ जेट पायलट को तीन महीने से ज्यादा समय से तनख्वाह नहीं मिली है। एयरलाइन इस समय अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। एक सदी पहले ही इस एयरलाइन की शुरुआत हुई थी।
वहीं गुरुग्राम स्थित स्पाइसजेट के पास मौजूद 12 बोइंग मैक्स विमानों को इथियोपियन एयरलाइन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से ग्राउंडेड (जमीन पर) कर दिया गया है। एयरलाइन अपनी सेवाओं को विस्तार देने के लिए नए पायलटों को नौकरी पर रखने की योजना बना रही है। बुधवार को जेट के कुछ पायलट उसके यहां इंटरव्यू के लिए आए थे।
स्पाइसजेट के सूत्र का कहना है, 'लगभग 260 पायलट, जिसमें 150 कैप्टन शामिल हैं उन्होंने इंटरव्यू मे हिस्सा लिया।' इंडिगो के पास ज्यादातर एयरबस 320 हैं। वहीं स्पाइसजेट के पास बोइंग 737 एस विमान हैं। सूत्र ने बताया कि यह ध्यान देने वाली बात है कि जेट एयरवेज के अधिकांश पायलट प्रशिक्षित और बोइंग विमान उड़ाने के लिए टाइप-रेटेड (संबंधित विमान उड़ाने में दक्ष) हैं।
इंडिगो जेट पायलटों को नौकरी के साथ ही मुआवजा देने का भी ऑफर दे रही है। जेट पायलटों को अपनी लंबित तनख्वाह मिलने को लेकर कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है। इसी वजह से पायलटों ने मंगलवार को कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि 31 मार्च तक प्रबंधन उनकी लंबित तनख्वाह का भुगतान नहीं करता है तो वह 1 अप्रैल से विमान उड़ाना बंद कर देंगे।
इंडिगो के अनुसार पायलटों को दिए जाने वाले ऑफर शर्तों एवं नियमानुसार हैं। लेकिन कंपनी के इस कदम को उसके ही पायलटों ने अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य करार दिया है। इंडिगो के सूत्र का कहना है, 'वह हमें हल्के में ले रहे हैं। जेट एयरवेज के पायलटों को दिया जा रहा प्रस्ताव हमारे लिए अन्यायपूर्ण है क्योंकि उन्हें समान पद पर वेतन के साथ ही दो महीने का बोनस भी दिया जा रहा है।'