केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भले ही भारत की जनसंख्या समूचे विश्व की आबादी का 17 प्रतिशत है, लेकिन कार्बन उत्सर्जन में हमारा हिस्सा मात्र चार प्रतिशत ही है। उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं लेकिन, हमने इससे लड़ने की चुनौती को स्वीकार किया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में हरियाली महोत्सव की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य पेड़-पौधों और हरियाली के महत्व के बारे में जागरुकता पैदा करना है।
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महोत्सव में बोलते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आगे कहा कि हमने दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश किया है कि कैसे प्राकृतिक संसाधनों के बुद्धिमत्तापूर्ण इस्तेमाल से पृथ्वी को हरा-भरा बनाया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान पश्चिमी देशों को अप्रत्यक्ष रूप से जवाब देते हुए कहा कि भले ही भारत की जनसंख्या समूचे विश्व की आबादी का 17 प्रतिशत है, लेकिन कार्बन उत्सर्जन में हमारा हिस्सा मात्र चार प्रतिशत ही है।
संबोधन के दौरान उन्होंने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से लड़ने के लिए पेरिस में हुए संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भारत ने पूरे जतन से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमने 2015 में पेरिस जलवायु सम्मेलन में निर्धारित 175 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा के उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से काम किया है। अब हमने साल 2030 तक अक्षय ऊर्जा की क्षमता को 500 गीगावॉट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
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गौरतलब है कि महोत्सव के तहत देशभर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत देशभर के 75 नगर वनों, दिल्ली और एनसीआर के 75 स्कूलों, 75 पुलिस स्टेशनों के साथ विभिन्न राज्यों के 75 पौधा रोपण स्थलों से अभियान शुरू किया गया। इस मौके पर पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी और दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं लेकिन, हमने इससे लड़ने की चुनौती को स्वीकार किया है।