गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के नेता हार्दिक पटेल के लिए गुजरात की धोराजी विधानसभा सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। ऐसा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि हार्दिक के प्रमुख सहयोगी ललित वसोया यहां से कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।
इस सीट पर वसोया का मुकाबला भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व लोकसभा सदस्य हरीलाल पटेल के साथ है। राजकोट जिले के इस निर्वाचन क्षेत्र में पाटीदारों की बड़ी संख्या है लेकिन मुस्लिम और दलित भी काफी संख्या में हैं।
यह सीट पारंपरिक रूप से कांग्रेस का एक मजबूत गढ़ रही है। बता दें कि कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए पटेल समुदाय के दिग्गज नेता विट्ठल रदादिया पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर पांच बार इस सीट से विधायक चुने गए थे। फिलहाल, रदादिया इस समय लोकसभा में पोरबंदर से भाजपा सांसद हैं।
इस सीट पर पाटीदार और दलित मुद्दों से अधिक प्रभावी मसला स्थानीय विकास का है। धोराजी शहर में भूमिगत सीवेज प्रणाली अधूरी है। सड़कें भी अच्छी हालत में नहीं हैं। किसानों के लिए कपास और मूंगफली जैसी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य हासिल करना बड़ी दिक्कत का सवाल है। यही वजह है कि पीएएस नेता अपने धुआंधार प्रचार में स्थानीय मसलों पर मतदाताओं का ध्यान खींच रहे हैं।
धोराजी एकमात्र सीट जहां से कांग्रेस ने पीएएएस नेता को उतरा
धोराजी एकमात्र विधानसभा सीट है जहां से कांग्रेस ने हार्दिक पटेल की अगुवाई वाले पीएएएस नेता वसोया को मैदान में उतारा है। वसोया कहते हैं कि यहां स्थानीय मसले अधिक प्रभावी हैं। भाजपा शासित नगर पालिका तो भूमिगत सीवेज प्रणाली को समय पर पूरा नहीं कर पाई।