गुजरात के पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल 25 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब होती चली गई। शुक्रवार को उनकी तबीयत बहुत बिगड़ गई जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल लेकर जाया गया है। इससे पहले खोडलधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश पटेल हार्दिक से मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे।
नरेश पटेल से मुलाकात के बाद हार्दिक को अस्पताल लेकर जाया गया है। बता दें कि पटेल लेउवा पटेल नेता हैं। पाटीदार समुदाय में उनकी काफी पहुंच है। गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान जब पाटीदार आंदोलन अपने चरम पर था उस समय भी कई बार नरेश ने हार्दिक से मुलाकात की थी। हार्दिक पाटीदारों को आरक्षण, किसानों की कर्जमाफी को लेकर पिछले 14 दिनों से अनशन पर हैं।
अनशन के दौरान उनके वजन में भी गिरावट आई है। बीते दो दिनों में उनकी तबीयत काफी बिगड़ी है। गुरुवार को
हार्दिक ने ट्वीट करके भाजपा पर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि यदि मैं मर भी जाउंगा तो भी भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अनशन के दौरान तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी और राजद सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की थी। वहीं अपने अनशन के 9वें दिन उन्होंने वसीयत जारी की थी।
वसीयत में उन्होंने अपनी संपत्ति में अभिभावकों, एक बहन, 2015 में आरक्षण आंदोलन में मारे गए 14 युवकों और उनके गांव के पास बूढ़ी और बीमार गायों के शेल्टर होम को हिस्सा दिया था। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के प्रवक्ता मनोज पनारा ने बताया था कि हार्दिक पटेल ने अपने निधन के बाद अपनी आंखें दान करने की इच्छा जताई है।