फिल्म पद्मावत का विरोध पूरे देश में चरम सीमा पर है। एक तरफ जहां करणी सेना इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ अपनी आवाज मुखर कर रही है। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकारें भी अपने सूबे में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिल्म की रिलीज के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं। ऐेसे में, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने गुजरात की सरकार पर पद्मावत को लेकर सवाल उठाए हैं।
हार्दिक ने 24 जनवरी को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के इस्तीफे की मांग करते हुए ट्वीट कर कहा कि 'पाटीदार आंदोलन के वक्त हिंसा होने के कारण आनंदीबेन का इस्तीफा लिया गया था तो क्या अब पद्मावत फिल्म पर हो रही हिंसा को ना रोकने वाले विजय रूपाणी का इस्तीफा लिया जाएगा? भक्त कहेंगे आनंदीबेन ने खुद इस्तीफा दिया था, मैं कहता हूं अमित शाह ने इस्तीफा जबरन लिया था।'
आपको बता दें कि 2016 में पाटीदार आंदोलन के बाद दबाव में आईं आनंदीबेन ने अपना इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह कहकर इस्तीफा दिया था कि वह चाहती हैं कि अब उनकी जगह कोई युवा नेता आगे आए। उन्होंने अपना इस्तीफा फेसबुक पोस्ट के जरिए दिया था।
आनंदीबेन के इस्तीफे देने का सबसे बड़ा कारण पाटीदार आरक्षण आंदोलन रहा था। 2014 में जब नरेंद्र मोदी पीएम बने, तो आनंदीबेन को सीएम बनाया गया। लेकिन 2016 में हालात बिगड़े, और 2002 दंगों के बाद पहली बार गुजरात में कर्फ्यू लगा था। पाटीदारों को काबू में करने के लिए सैन्य बल का भी इस्तेमाल हुआ था।