राजधानी दिल्ली में कल यानी रविवार को इंडिया गठबंधन की महारैली होनी है। इसे लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तरह से तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, इससे पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने विपक्षी गठबंधन पर हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस और आप पर तंज कसते हुए कहा कि लगभग 12-13 साल पहले इसी जगह पर अरविंद केजरीवाल ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली 'भ्रष्ट' कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध किया था। लेकिन आज दोनों (आप और कांग्रेस) एक साथ एक गठबंधन में हैं।
हरदीप पुरी ने कहा कि तब अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार और शराब के खिलाफ थे और आज वह शराब घोटाले में शामिल हैं। रामलीला मैदान का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह जगह बहुत दिलचस्प है जहां रैली होगी। इसी जगह पर करीब 12-13 साल पहले अन्ना हजारे की रैली हो रही थी और उसमें अरविंद केजरीवाल भी हिस्सा ले रहे थे। तब वो कहते थे कि वो एक सामाजिक व्यक्ति हैं। तब वे किसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे? कांग्रेस पार्टी शासन कर रही थी और उस समय भ्रष्टाचार की परिभाषा बहुत दिलचस्प थी। आपको 2जी, सीडब्ल्यूजी और कोयला घोटाला याद होगा। अब उन्होंने उसी पार्टी से सिर्फ हाथ नहीं मिलाया बल्कि उन्हें गले लगाया है। अब उन लोगों के साथ गठबंधन में हैं जिनके खिलाफ वे आरोप लगा रहे थे।
हरदीप पुरी ने कहा कि ये लोग एक गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सरकार की तरफ से किया गया है। ये कह रहे हैं लोकतंत्र खतरे में है, लोकतंत्र तब खतरे में था जब कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल लगाया था। भाजपा ने कभी नागरिक स्वतंत्रता नहीं छीनी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली के सीएम हिरासत में हैं। क्योंकि ईडी ने उन्हें नौ समन भेजे हैं लेकिन उन्होंने उन सभी को नजरअंदाज कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को भ्रष्टाचार से छूट नहीं मिलती है। 2014 से पहले बहुत सारे घोटाले हुए हैं लेकिन उसके बाद, कोई भी पीएम मोदी पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा सकता है।
इस दौरान, हरदीप पुरी ने विपक्षियों द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय एजेंसियां अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकती हैं। आप देख सकते हैं कि पश्चिम बंगाल में क्या हुआ, वहां भर्ती में घोटाला हुआ, जो अभ्यर्थी नंबर 2 पर था उसका चयन नहीं हुआ। वह कोर्ट गया और एफआईआर दर्ज कराई। जब कोर्ट ने संज्ञान लिया तो इन एजेंसियों ने कोर्ट के आदेश के अनुसार काम किया। फिर जांच में उनके एक मंत्री के खाली फ्लैट में सैकड़ों बोरियां नोटों से भरी हुई मिली। ऐसे लोग अगर ऐसी गलतियां करते हैं तो केंद्रीय एजेंसियों का काम नहीं रुकता। अगर हम ऐसा काम करेंगे तो केंद्रीय एजेंसियों के पास कोई विकल्प नहीं है, उन्हें काम करना होगा और मुझे लगता है कि आने वाले समय में केंद्रीय एजेंसियां ऐसे और घोटाले ढूंढ लेंगी।
इसके अलावा, विपक्ष के इस दावे पर कि केंद्र उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रहा है पर भी हरदीप सिंह पुरी ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे विपक्ष को दबाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक अच्छा विपक्ष चाहते हैं और संसद में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं।