मंडल ने कहा, "कोई भी पूरी जिंदगी जेल में नहीं बिताता। एक विचाराधीन व्यक्ति को एक तय समय में रिहा किया जाना चाहिए। मैं निराश नहीं हूं। मेरे लिए इतना ही काफी है कि हमारी नेता, आदरणीय दीदी, मेरी तरफ हैं।"
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अनुब्रत मंडल को साल 2010 के मंगलकोट विस्फोट मामले में बरी कर दिया गया है। मंडल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह संकट के वक्त में भी दीदी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) ने उनका साथ दिया। इससे वह बहुत खुश हैं। हालांकि, पशु तस्करी मामले में वह अभी जेल में बंद रहेंगे, क्योंकि इसकी सीबीआई जांच अभी लंबित है।
विज्ञापन
दीदी मेरे साथ हैं..
मंडल ने कहा, "कोई भी पूरी जिंदगी जेल में नहीं बिताता। एक विचाराधीन व्यक्ति को एक तय समय में रिहा किया जाना चाहिए। मैं निराश नहीं हूं। मेरे लिए इतना ही काफी है कि हमारी नेता, आदरणीय दीदी, मेरे साथ हैं।"
11 अगस्त को गिरफ्तार किए गए थे अनुब्रत मंडल
अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने कथित पशु तस्करी मामले की जांच के सिलसिले में 11 अगस्त को गिरफ्तार किया था। आसनसोन की विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें दो बार 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
विज्ञापन
अनुब्रत के साथ खड़ी दिखीं ममता बनर्जी
स्कूल भर्ती घोटाले में ईडी द्वारा पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी की गई थी, तब ममता बनर्जी उनके साथ इस तरह से खड़ी नहीं दिखाई दीं। लेकिन इसके विपरीत अनुब्रत मंडल के मामले में वह उनके साथ खड़ी रही हैं।
मुख्यमंत्री ने किया था उनका स्वागत करने का आग्रह
इससे पहले गुरुवार को एक बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था, "अनुब्रत एक दिन जेल से बाहर आएंगे और जेल से बाहर आने पर आप उन्हें एक नायक के रूप में स्वागत करेंगे। वह अस्वस्थ हैं, और हर चुनाव से पहले उनके आंदोलनों को प्रतिबंधित किया जाता है।"