इस साल भारतीय सेना के बेडे में शामिल की गई नई तोप के-9 वज्र भी देशवासियों को देखने को मिलेगा। इस तोप की खासियत है कि इसकी मारक क्षमता 38 किलोमीटर के दायरे की है। यह रेतीले और अर्ध रेगिस्तानी इलाकों के युद्ध में कारगर है। एम-777 ह्वाइत्जर तोप 30 किलोमीटर के दायरे में लक्ष्य को भेद सकती है। यह समतल और पहाड़ी दोनों इलाकों के लिए कारगर है।
मेजर खुशबू कंवर ने आसाम राइफल्स के कंटिनजेंट का नेतृत्व किया। पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होकर देश की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स आसाम राइफल्स ने इतिहास रच दिया। मेजर खुशबू एक बच्चे की मां हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में ही नहीं बल्कि उसे देखने आए देश के हर क्षेत्र, समुदाय, जाति और धर्म के उमड़े जन सैलाब ने अनेकता में एकता के जज़्बे का अनूठा प्रदर्शन किया । परेड के 8 किलोमीटर के रास्ते में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और वृद्धों के चेहरों की चमक और उत्साह देखते ही बनता था ।
सबसे अंत में रोमांच से भर देने वाले वायुसेना के अत्याधुनिक विमानों को राजपथ के ऊपर से हैरतअंगेज कारनामों के साथ उड़ान भरते देख कर उन विमानों की ताकत के साथ ही वायुसेना के पायलटों का हुनर और जांबाज़ी का अहसास हुआ
राजपथ पर 70वें गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं के शौर्य का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला जहां नौसेना एवं सेना के कई दस्तों की अगुवाई उन्होंने की और एक महिला अधिकारी ने बाइक पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
परेड में सिख लाइट इन्फैंट्री, जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, गोरखा ब्रिगेड, सेना सेवा कोर, सेना आपूर्ति कोर (उत्तर), प्रादेशिक सेना बटालियन की पैदल सेना ने हिस्सा लिया।
राजधानी दिल्ली में जहां एक ओर जवान प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर भारतीय सेना ने कड़ाके की ठंड में बर्फ के बीच राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया और भारतमाता की जयघोष की। बर्फ के बीच जवानों ने तिरंगा फहरा कर राष्ट्रगाण भी गाया।