हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने सोमवार को कहा कि हलके युद्धक विमान ‘तेजस’ का उत्पादन अपने लक्ष्यों के अनुरूप है। एचएएल ने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के लिये 16वां लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) का उत्पादन कर लिया है।
आईएएफ ने एचएएल को 40 एलसीए बनाने के ऑर्डर दिये थे (जिसमें से 16इनीशियल ऑपरेशनल क्लीयरेंस,16 फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस और 8 ट्रेनर विमान किस्म के थे)। एचएएल ने 16वें विमान के निर्माण की समय सीमा 31 मार्च तक की तय की हुई थी।
तेजस को भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ड्रैगन स्क्वाड्रन में एक जुलाई, 2016 में शामिल किया गया था। इसे पिछले महीने ही फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस मिली थी। एलसीए का उत्पादन 2014 में शुरू हुआ था। वर्तमान में इसकी उत्पादन क्षमता सालाना पांच से बढ़ाकर आठ तक पहुंच गई है। इसके अलावा बंगलूरू के एयरक्राफ्ट डिवीजन में तेजस के उत्पादन के लिये दूसरा उत्पादन कारखाना और खोला गया है।
मालूम हो कि पिछले महीने हुए एयरो इंडिया शो में भारतीय थल सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने इसकी उड़ान भरी थी और इसे शानदार बताया था।