भारत का हज कोटा वर्ष 2025 के लिए 1,75,025 निर्धारित किया गया है, जो वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने बाद 1,36,020 था। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि पीएम मोदी की पहल पर सऊदी अरब की सरकार के साथ हुए समझौते के तहत यह वृद्धि भारत के निरंतर प्रयासों के चलते संभव हो सकी है।
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मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार भारतीय मुसलमानों के लिए हज यात्रा को सुगम बनाने के लिए उच्च प्राथमिकता देती है। मंत्रालय भारतीय हज समिति के माध्यम से मुख्य कोटे के तहत चालू वर्ष में 1,22,518 तीर्थयात्रियों के लिए व्यवस्था कर रहा है। सऊदी अरब के नए मानदंडों के कारण भारतीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 800 से अधिक ऑपरेटरों को 26 संयुक्त हज समूह ऑपरेटरों (सीएचजीओ) में रखा है और उन्हें पहले से ही कोटा आवंटित किया है।
मीना में हज पोर्टल दोबारा खोलने की मंजूरी
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बार-बार कहने के बाद भी सीएचजीओ सऊदी अधिकारियों की ओर से निर्धारित आवश्यक समय सीमा का पालन नहीं कर सका। भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद सऊदी हज मंत्रालय मीना में वर्तमान स्थान उपलब्धता के आधार पर 10,000 तीर्थयात्रियों के लिए हज पोर्टल (नुसुक) को दोबारा खोलने की मंजूरी दे दी है, ताकि सीएचजीओ अपना कागजी काम पूरा कर सके। विशेष रूप से मीना में अत्यधिक गर्मी और सीमित स्थान को देखते हुए सऊदी हज मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के बारे में चिंता जताई।