असम के कछार जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक नुमल महत्ता ने बताया कि रविवार को बेरेंगा गांव से सिलचर शहर की ओर बिना अनुमति के विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया। इसके बाद पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा था।
पुलिस अधीक्षक महत्ता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि हिंसा को और भड़कने से रोकने के लिए जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। सिलचर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को बागाधार और काशीपुर इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। महत्ता ने कहा कि जांच जारी है। जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें-
बिहार के महाकांड: 10 मिनट में मौत के घाट उतारे गए थे 23 लोग, लाशों के बीच मरने का नाटक कर कई ने बचाई थी जान
निषेधाज्ञा लागू रहेगी
एसपी ने कहा कि किसी भी हिंसा को रोकने के लिए जिले में निषेधाज्ञा लागू रहेगी और कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ कोई विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह भी पढ़ें-
वक्फ कानून को सुप्रीम कोर्ट में किस आधार पर दी गई चुनौती? सुनवाई से पहले 10 बिंदुओं में समझिए सब कुछ
सर्वोच्च न्यायालय जाने का सुझाव दिया
उन्होंने सुझाव दिया कि आंदोलनकारी अपनी शिकायतों के निवारण के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाएं। इस महीने की शुरुआत में इस कानून के लागू होने के बाद कई संगठनों और लोगों ने इसके बारे में आपत्तियां दर्ज कराई थीं। कानून का मकसद वक्फ संपत्तियों के कामकाज में सुधार करना, जटिलताओं को दूर करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रबंधन शुरू करना है।