मुंबई आतंकी हमलों के गुनहगार और जमात उद दावा के मुखिया हाफिज सईद ने कश्मीर में जारी हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। हाफिज सईद ने माना है कि बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में जारी हिंसा के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। लश्कर के आतंकी ही घाटी में हो रहे प्रदर्शन और विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं।
हाफिज के इस खुलासे के बाद एक बार फिर से पाकिस्तान पर उंगलियां उठी हैं। बता दें कि हाफिज सईद अब तक लश्कर-ए-तैयबा को खुद से अलग बताता रहा है और अपने संगठन जमात उद दावा के लश्कर से किसी भी संबंध को नकारता रहा है। लश्कर-ए-तैयबा एक प्रतिबंधित संगठन है।
पाकिस्तान के फैसलाबाद में जमात-उद-दावा के कार्यकर्ताओं की बैठक में हाफिज सईद ने ये ऐलान किया। उसने अपने खुलासे में कहा कि बुरहान वानी की हत्या के बाद कश्मीर में निकाले गए विरोध मार्च का नेतृत्व लश्कर का एक कमांडर कर रहा था।
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हाफिज सईद ने कहा कि क्या आपने इस विरोध मार्च की तस्वीरें देखी हैं। इस प्रदर्शन में सड़क पर उतरे लोगों में से एक लश्कर का कमांडर था। इसे लोगों ने अपने कंधे पर उठा रखा था। वही इस पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था।
हाफिज ने लश्कर आतंकी का नाम आमिर बताया था।
हाफिज सईद के इस बयान के बाद अंतर्राष्ट्रीय मोर्चे पर पाकिस्तान को झटका लग सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि भारत शुरू से ही पाकिस्तान को कश्मीर के ताजा हालात के जिम्मेदार ठहराता रहा है। लेकिन पाकिस्तान ने खुद को इससे अलग कर रखा था। अब इस ऐलान से हाफिज सईद के लश्कर के लिंक का खुलासा हो जाता है।
हाफिज के ऐलान से पाकिस्तान को झटका
कश्मीर के हालात को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय और खुद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था।
हालांकि पाकिस्तान सरकार ने कश्मीर की हिंसा को मानवाधिकार से जोड़कर अंतर्राष्ट्रीय मोर्चे पर इसका फायदा उठाने की कोशिश की है।
बता दें कि कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से संपर्क साधा और दखल की अपील की थी। इतना ही नहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने खुद आतंकी बुरहान वानी को शहीद करार दिया था।
फिलहाल हाफिज सईद के खुलासे से पाकिस्तान की किरकिरी जरूर हो गई है।