अफगानिस्तान और पाकिस्तान में खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की शाखा ‘आईएस-खुरासान’ का सरगना हाफिज सईद खान अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया है। पेंटागन ने बताया कि 26 जुलाई को हाफिज अपने सहयोगी आतंकियों के साथ अमेरिकी हवाई हमले में मारा गया। इसे आतंकी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वैसे तो हाफिज के मारे जाने की बात पहले ही सामने आ चुकी है, लेकिन अमेरिका ने पहली बार इसकी पुष्टि की है।
पेंटागन के डिप्टी मीडिया सचिव गॉर्डन ट्रोवब्रिज ने बताया कि अमेरिकी और अफगान विशेष अभियान बलों ने दक्षिणी नांगरहार प्रांत में आईएस के खिलाफ एक जुलाई से 30 जुलाई तक अभियान चलाया। इस बीच 26 जुलाई को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने नांगरहार के अचिन जिले में हाफिज सईद खान को निशाना बनाकर हवाई हमले किए, जिसमें वह मारा गया।
उन्होंने बताया कि हाफिज अफगानिस्तान में अमेरिकी सुरक्षा बल और गठबंधन बल पर हमलों में सीधे तौर पर शामिल रहा। वह नांगरहार समेत अफगानिस्तान में आतंकी संगठन का नेटवर्क मजबूत कर रहा था। वह अफगानिस्तानी नागरिकों को आतंकित करने के लिए जाना जाता था।
अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में आईएस पिछले साल गर्मी से लगातार अपनी पैठ मजबूत करता जा रहा है। इस इलाके में आईएस अपने आतंकियों को प्रशिक्षण देने और आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने का काम करता है। हाफिज के मारे जाने से अफगानिस्तान और पाकिस्तान समेत इस क्षेत्र में आईएस के आतंकी अभियान को करारा झटका लगा है।
इससे पहले हाफिज पाकिस्तान में तालिबान से जुड़ा था, लेकिन बाद में वह आईएस के लिए काम करने लगा। इस क्षेत्र में आईएस के बढ़ते वर्चस्व से तालिबान भी बेहद चिंतित है। वह इसे अपने अस्तित्व के खिलाफ चुनौती मान रहा है।