पाकिस्तान को अब जम्मू-कश्मीर में भारत विरोधी आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए अफगानी आतंकी नहीं मिलते। अफगानिस्तान के नई दिल्ली में राजदूत डा. शाहिदा मोहम्मद अब्दाली ने अमर उजाला को विशेष बातचीत के दौरान बताया कि इसके लिए अब पाकिस्तान के आतंकी संगठनों और एजेंसियों के मंसूबे सफल नहीं हो पा रहे हैं। वहीं अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में सहयोग को लेकर अब्दाली ने कहा कि पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों को समर्थन देना बंद करे।
अब्दाली ने कहा कि पाकिस्तान का अफगानिस्तान में फिलहाल शांति प्रक्रिया में सबसे बड़ा सहयोग यही होगा कि वह आतंकियों का समर्थन न करे। उन्होंने कहा कि हम अफगानिस्तान को एक स्थायी, शांतिप्रिय, मजबूत देश के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। इसमें भारत हमारा बड़ा सहयोगी देश है।
आर्थिक साझेदारी, सहयोग और आपसी समन्वय के जरिए अफगानिस्तान इस लक्ष्य को पाना चाहता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अफगानिस्तान प्रतिबद्ध है और सार्क समेत सभी फोरम के माध्यम से अपनी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। वहीं क्षेत्रीय आतंकवाद को लेकर अब्दाली ने महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान से आतंक के युवा मिलने बंद हो गए हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सीमापार के आतंकी संगठन काफी समय तक विदेशी आतंकियों के तौर पर अफगानी युवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे। ये लड़ाके पाक अधिकृत कश्मीर के प्रशिक्षण लेकर हार्ड कोर आतंकी के रूप में घुसपैठ करके दहशतगर्दी को अंजाम देते थे। लेकिन अब्दाली का कहना है कि जब से अफगानिस्तान में तालिबान का पतन हुआ है, वहां नागरिक सरकार ने कामकाज संभाला है और अफगानिस्तान के निर्माण में भारत ने कदम बढ़ाया है, पाकिस्तान को अफगानी युवा मिलने बंद हो गए हैं।