लश्कर-ए-ताइबा के संस्थापक हाफिज सईद की धमकियों के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह की पाकिस्तान यात्रा से एक दिन पहले बीएसएफ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य प्राधिकरण सईद की साजिश को निष्फल करने के लिए पर्याप्त उपाय करेंगे।
पाकिस्तानी जमीन पर सिंह के कदम रखते ही अटारी-वाघा सीमा की ओर भारी विरोध प्रदर्शन और मार्च करने की सईद की योजना को राजनीतिक कदम बताते हुए बीएसएफ के प्रमुख केके शर्मा ने कहा कि सीमा की चौकसी करने वाले दोनों तरफ के सुरक्षा बल संवेदनशील हैं। वे सुनिश्चित करेंगे कि बुधवार को इस्लामाबाद में सार्क के गृह मंत्रियों की होने वाली बैठक में कोई अवरोध उत्पन्न न हो।
शर्मा ने कहा, ‘यह (सईद के विरोध का आह्वान) पाकिस्तान का अंदरूनी मसला है और मुझे पूरा भरोसा है कि पाक रेंजर्स के मेरे समकक्ष इस मसले को संभालने में काफी सक्षम हैं। मुझे विश्वास है कि सईद की धमकी से सार्क की बैठक में अवरोध नहीं होगा। हाफिज सईद सफल नहीं होगा।’
शर्मा पिछले हफ्ते ही पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ महानिदेशक स्तर की सालाना द्विपक्षीय वार्ता कर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने अटारी-वाघा सीमा पर ज्यादा चौकसी बरतेंगे। यहां शाम में होने वाले रीट्रिट सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी भीड़ इकट्ठी होती है। 2014 में रीट्रिट सेरेमनी के बाद वाघा सीमा पर पाकिस्तान की तरफ हुए विस्फोट में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।