कनाडा की नागरिकता लेने वाले भारतीयों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। भारतीयों की संख्या में इस साल 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। कुछ समय कनाडा में रहने के बाद ये लोग वहां की स्थायी नागरिकता ले रहे हैं। कनाडा के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बीते 10 महीने के आंकड़े दिखाए जो अक्तूबर 2018 तक के हैं। इसमें कहा गया है कि करीब 15 हजार भारतीयों ने नागरिकता ली है। अगर इन आंकड़ों की साल 2017 के आंकड़ों से तुलना करें तो इसमें 50 फीसदी तक की बढ़त हुई है।
इन आंकड़ों के पीछे की वजह बताते हुए माइग्रेशन ब्यूरो कॉर्प के एमडी और इमिग्रेशन लॉ स्पेशलिस्ट तल्हा मोहानी ने बताया कि ये संख्या इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि अक्तूबर 2017 के बाद से कनाडाई नागरिकता लेना पहले के मुकाबले अधिक आसान हो गया है। पहले पर्मानेंट रेजिडेंट को 5 साल रहना होता था लेकिन अब 3 साल ही रहना पड़ता है।
इस संख्या के पीछे एच-1बी वर्क वीजा भी एक वजह है। इस बारे में बताते हुए एनपीजेड लॉ ग्रुप में मैनेजिंग अटॉर्नी डेविड ने कहा कि कनाडाई पासपोर्ट (नागरिकता) किसी व्यक्ति को ट्रेड नेशनल (टीएन) वीजा के लिए आवेदन करने के योग्य भी बनाता है। जिससे अमेरिका में काम करने की इजाजत मिल जाती है। इसे एक तरह का एच-1बी वर्क वीजा भी कहा जाता है। कई ऐसे लोग हैं जो काम के लिए कनाडा से अमेरिका जाते हैं।