कर्नाटक में दिगंबर जैन मुनि आचार्य श्री कामकुमारा नंदी महाराज की हत्या का मामला तूल पकड़ चुका है। हत्या के बाद आरोपियों ने उनके शव के टुकड़े कर बोरवेल में फेंक दिए थे। वहीं, इस नृशंस हत्या के विरोध और जैनियों के लिए सुरक्षा की मांग को लेकर गुणधर नंदी महाराज ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। वहीं, अब नवग्रह जैन तीर्थ में जैन भिक्षु गुणधर नंदी महाराज ने अपने अनशन को वापस लेने का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य के गृहमंत्री जी परमेश्वर से मुलाकाकत के बाद अपना अनशन वापस ले लिया है।
गुणधर नंदी महाराज ने किया एलान
सोमवार को आमरण अनशन को वापस लेने का एलान करते हुए गुणधर नंदी महाराज ने कहा कि राज्य के गृह मंत्री जैन विकास बोर्ड के गठन और जैन समुदाय की अन्य मांगों को भी पूरा करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सरकार समुदाय के हितों के लिए काम कर रही है और मामले की जांच चल रही है। जैन भिक्षु ने यह भी कहा कि गृहमंत्री के अनुरोध के बाद मैनें अपना अनशन वापस ले लिया है।
गृहमंत्री जी परमेश्वर ने दिया था ये बयान
कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने जैन मुनि की हत्या पर बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा, 'कानूनी कार्रवाई एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसमें भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। इस घटना के बाद शिकायत मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई थी। हुबली में जैन मुनि अनशन पर बैठे हैं। मैंने उनसे कल बात भी की थी।'
भाजपा ने की है मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
इस बीच, विपक्षी भाजपा वे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही पार्टी ने जैन भिक्षु और युवा ब्रिगेड के सदस्य की हत्या की जांच के लिए दो टीमों का गठन किया है। ये घटनाओं से संबंधित सबूत जुटाएंगी। एक टीम में 11 सदस्य होंगे। इसका नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील करेंगे। वहीं, दूसरी टीम का नेतृत्व राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि करेंगे। इसमें 10 सदस्य होंगे।
बता दें कि मैसूर में हनुमान जयंती समारोह के दौरान दो समूहों के बीच झड़प के दौरान युवा ब्रिगेड के एक सदस्य की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने सोमवार को इसके बारे में जानकारी दी थी।
यह है मामला
कामकुमारा नंदी महाराज 15 साल से नंदी पर्वत जैन मठ में रहते थे। उनके प्रबंधक बसाड़ी भीमप्पा उगारे ने छह जुलाई को उनके लापता होने की जानकारी पुलिस को दी थी। जांच के दौरान पता चला कि मुनि लोगों को ऋण दिया करते थे। उन्होंने कुछ संदिग्धों को भी ऋण दिया था और पैसे वापस मांगने के दौरान उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों नारायण बसप्पा माडी और हसन दलायथ को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ के बाद एक बोरवेल से मुनि के शव के टुकड़े बरामद किए गए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने इस मामले में विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है।