गुजरात में बीजेपी के पूर्व मंत्री कांती गामित की पोती की सगाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कांति गामित और उनके बेटे सहित 18 लोगों को कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, सगाई में तैनात पुलिस अफसरों को निलंबित कर दिया है, जिसमें एक पुलिस इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल है।
सगाई समारोह में आए थे हजारों लोग
दरअसल, हाल ही में कांति गामित की पोती की सगाई तापी जिले के दोसवाड़ा गांव में हुई है। मंत्री ने सगाई के समारोह को सार्वजनिक रखा था। इसकी वजह से सगाई समारोह में करीब 5 हजार से ज्यादा लोग एकत्रित हो गए थे। कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक, शादी समारोह में 100 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते हैं, लेकिन मंत्री की पोती की सगाई में बिना मास्क के हजारों लोग शामिल हुए और उन्होंने जमकर गरबा भी किया।
वीडियो वायरल होने के बाद गृह मंत्री ने दिए जांच के आदेश
सोशल मीडिया पर सगाई समारोह का वीडियो वायरल होने के बाद गृह मंत्री ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए कांति गामित के खिलाफ आईपीसी की धारा 308, 188, 269, 270 और महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
हाई कोर्ट से फटकार के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता की पोती की सगाई का वीडियो वायरल होने के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया था। साथ ही, गुजरात पुलिस को जमकर फटकार भी लगाई थी। हाई कोर्ट की गंभीर टिप्पणी के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठा रहे लोग
गुजरात में यह पहली बार ऐसा नहीं हो रहा कि कोरोना मापदंड के उल्लंघन के लिए किसी नेता को गिरफ्तार किया गया हो। वीडियो सामने के आने बाद कांति गामित ने ख़ुद अपनी गलती मानी है। सोशल मीडिया पर इस सगाई समारोह को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने जब शादी समारोह के लिए 100 लोगों की लिमिट लगाई तो बीजेपी नेता की पोती की सगाई में 5000 से अधिक लोग कैसे आ गए?
किन-किन लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई?
शादी के समारोह का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पूर्व बीजेपी मंत्री कांति गामित और उनके बेटे जितेंद्र गामित, सोनगढ़ के नगरपालिका सदस्य विनोद चन्दात्रेय, बीजेपी कार्यकर्ता केविन देसाई, वीडियोग्राफर, मंडप डेकोरेशन वाले, बैंडबाजा वाले और रसोइयों सहित 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें पुलिस स्टेशन के हेड कांस्टेबल निलेशभाई का भी नाम है। इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 के तहत केस दर्ज किया गया है।