भाडू ने इस मामले में चिड़ियाघर के कर्मचारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की चेतावनी देते हुये कि सुरक्षा में लगी निजी एजेंसी के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। बता दें कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल काले हिरण विशेष रूप से संरक्षित नस्ल है।
भाडू ने कहा, ‘हमने दिल्ली स्थित केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को घटना की जानकारी दे दी है। आणंद के पशु चिकित्सालय से रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें विस्तृत जानकारी मुहैया कराई जाएगी।’’
वीएमसी चिड़ियाघर संरक्षक डॉ प्रत्यूष पाटणकर ने कहा, ‘काले हिरण संवेदनशील और डरपोक जानवर होते हैं। वे कुत्तों को देखने के बाद डर कर भाग गए होंगे। शायद उनकी मौत कुत्तों के काटने की बजाय सदमे से हुई है।’