गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने जीएसटी को मुद्दा बनाने की पुरजोर कोशिश की। टेक्सटाइल के लिए मशहूर में जीएसटी के खिलाफ उठी चिंगारी भी इशारा कर रही थी कि भाजपा के लिए राह कठिन हो सकती है। लेकिन इसके बावजूद बिजनेस केंद्र माने जाने वाले चार बड़े जिलों ने ही भाजपा को सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पार्टी ने सूरत, अहमदाबाद, राजकोट और वडोदरा की 55 सीटों में से 44 सीटों पर कब्जा जमाया है। कांग्रेस को महज 11 सीटों से ही संतोष दर्ज करना पड़ा।
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टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग के लिए विख्यात अहमदाबाद में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। इस जिले की 21 में से 15 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया है। कांग्रेस के खाते में सिर्फ छह सीटें गईं हैं। वहीं हीरे और कपड़े के व्यवसाय वाले सूरत जिले में पार्टी ने 16 में से 15 सीटें जीती हैं।
कांग्रेस को एक सीट पर ही संतोष करना पड़ा। यही वह शहर है, जहां जीएसटी को लेकर काफी उग्र विरोध हुआ था। वहीं राजकोट में सभी 4 शहरी सीटें भाजपा के खाते में गई हैं। ग्रामीण इलाके में भी पार्टी ने चार में से दो सीटें जीती हैं। राजकोट आभूषण, एंब्रायडरी और घड़ी के पुर्जे बनाने के लिए विख्यात है। पेट्रोकेमिकल, फॉर्मास्युटिकल, बायोटेक के लिए प्रसिद्ध वडोदरा में भाजपा को 10 में से 8 सीटें मिली हैं।