गुजरात में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर वाली कम से कम 16 ऐसी सीटें रहीं जहां जीत का अंतर दो हजार से कम रहा। वहीं इनमें से कुछ सीटों पर 200 वोट से फैसला हुआ। ढोलका और फतेपुरा जैसी सीटों पर एनसीपी और बसपा ने काफी महत्वपूर्ण मत हासिल किए हैं। अगर ये पार्टियां ज्यादा वोट न पातीं, तो कांग्रेस की जीत तय होती।
वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कई सीटों पर बड़ी भूमिका अदा की। हिमतनगर, पोरबंदर और विजापुर जैसी कई सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों और बागियों ने भी दोनों प्रमुख दलों के ठीक ठाक वोट काटे हैं। आदिवासी प्रभाव वाली डांग सीट पर कांग्रेस ने सिर्फ 768 मत से बढ़त बनाई। जबकि एसटी बहुल कपराडा पर उसने मात्र 170 वोट से जीत हासिल की।
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हालांकि आठ सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वियों से दो हजार से कम वोट से पीछे रहे गए। गोधरा में भाजपा के सीके राउलजी मात्र 258 वोट से जीते। जबकि यहां 3050 नोटा वोट पड़े और एक निर्दलीय उम्मीदवार 18 हजार से ज्यादा वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। धोलका में कांग्रेस मात्र 327 वोट से चुनाव हारी। जबकि यहां बसपा और एनसीपी ने क्रमश: तीन हजार और एक हजार से ज्यादा वोट पाए। फतेपुरा में भाजपा ने 2711 वोट से चुनाव जीता, जबकि एनसीपी ने 2747 वोट पाए।