इस बार गुजराती फिल्मों के सुपरस्टार महेश कनोडिया और नरेश कनोडिया को भी मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। बता दें कि अक्तूबर 2020 में दोनों का दो दिनों में के अंदर निधन हो गया था। पीएम मोदी ने भी इनके निधन पर शोक जताया था।
पीएम मोदी ने दोनों भाइयों के निधन पर दुख जताया था। पीएम मोदी ने कहा था, दो दिनों की अवधि में, हमने महेशभाई और नरेशभाई कनोडिया दोनों को खो दिया है। संस्कृति की दुनिया में उनके योगदान, विशेष रूप से गुजराती गीतों, संगीत और रंगमंच को लोकप्रिय बनाना कभी नहीं भूला जाएगा। उन्होंने समाज की सेवा करने और दलितों को सशक्त बनाने के लिए भी कड़ी मेहनत की।
महेश कनोडिया पाटन से सांसद रहे चुके थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते नरेश कनोडिया भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और विधानसभा का टिकट मिला था। नरेश कनोडिया गुजरात विधानसभा के सदस्य बने थे।
महेश और नरेश कनोडिया के आखिरी मिलन के वक्त दोनों एक गीत "तेरे बिना जीना कहां" गाते नजर आए थे। बता दें कि महेश कनोडिया गुजरात के जाने-माने संगीतकार रहे तथा अपने छोटे भाई नरेश कनोडिया के कैरियर को संवारने में भी उनका खासा योगदान रहा।