गिरफ्तार महिला, पायल चौहान, वडोदरा के गोरवा इलाके की रहने वाली है और जांच में उसके सीधे संबंध इस रैकेट के मुख्य सरगना नील उर्फ नीलेश पुरोहित से सामने आए हैं। पुरोहित को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था।
गुजरात पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर गुलामी रैकेट से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए वडोदरा की एक महिला को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क युवाओं को उच्च वेतन वाली विदेशी नौकरियों का झांसा देकर म्यांमार, थाईलैंड और कंबोडिया भेजता था, जहां उन्हें साइबर अपराध करवाने के लिए अवैध रूप से बंदी बनाकर रखा जाता था।
गिरफ्तार महिला, पायल चौहान, वडोदरा के गोरवा इलाके की रहने वाली है और जांच में उसके सीधे संबंध इस रैकेट के मुख्य सरगना नील उर्फ नीलेश पुरोहित से सामने आए हैं। पुरोहित को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। चौहान कथित तौर पर उसका सब-एजेंट थी और गुजरात के कई युवाओं को फंसाने का काम करती थी।
सीआईडी-क्राइम के अनुसार, यह गिरोह थाईलैंड और म्यांमार में डाटा एंट्री या हाई-पेइंग जॉब का लालच देकर पीड़ितों को विदेश भेजता था। एयरपोर्ट पहुंचते ही लोगों को चीनी साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े एजेंटों के हवाले कर दिया जाता था। इस तस्करी में पाकिस्तानी एजेंट भी शामिल थे। पीड़ितों के पासपोर्ट, फोन और पहचान दस्तावेज तुरंत छीन लिए जाते थे और उन्हें अवैध रास्तों से सीमा पार कराकर म्यांमार के कुख्यात केके पार्क जैसे साइबर अपराध केंद्रों में पहुंचाया जाता था।
पीड़ितों से करवाए जाते थे फिशिंग, क्रिप्टो फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम
तीन वर्षों में 4,000 भारतीयों की हुई घर वापसी
भारत, थाईलैंड और म्यांमार के अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई से पिछले तीन वर्षों में ऐसे कैंपों में फंसे करीब 4,000 भारतीयों को छुड़ाया जा चुका है। कई पीड़ितों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें नील पुरोहित और उसके सब-एजेंटों, जिनमें पायल चौहान भी शामिल है, ने ही फंसाया था।
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क्रिकेट सट्टेबाजी और अवैध क्रिप्टो लेन-देन में भी संलिप्त