फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात: अस्पताल का बिल नहीं भर पाए तो शव देने से किया इनकार, कार भी रख ली गिरवी

Thu, 15 Apr 2021 04:14 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वलसाड

सार

  • कोरोना की दूसरी लहर से देश के कई राज्यों में हाहाकार मचा हुआ है। इन राज्यों में गुजरात भी शामिल है, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों के बुरे हाल साफ नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना की दूसरी लहर से देश के कई राज्यों में हाहाकार मचा हुआ है। इन राज्यों में गुजरात भी शामिल है, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों के बुरे हाल साफ नजर आ रहे हैं। यहां हालात ऐसे हैं कि कई अस्पताल कोविड मरीजों और शवों से भरे हुए हैं। इस बेहद खराब दौर में कई ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाले हैं। दरअसल, वलसाड के एक अस्पताल में निर्ममता का ऐसा मामला सामने आया, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। दरअसल, यहां बिल नहीं चुका पाने की वजह से अस्पताल ने परिजनों को कोविड मरीज का शव नहीं सौंपा। 

विज्ञापन


यह है पूरा मामला
वलसाड स्थित एक अस्पताल में अपने मरीज का इलाज करा रहे लोगों का आरोप है कि अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों ने शव देने से इनकार कर दिया। अस्पताल ने शव देने से पहले पूरा बिल भरने को कहा। जब परिजनों ने अपनी मजबूरी बताई तो अस्पताल प्रशासन ने उनकी गाड़ी गिरवी रख ली। 

13 अप्रैल को हुई मौत
बताया जा रहा है कि पीड़ित में कोरोना के लक्षण नजर आने के बाद उन्हें वापी के 21 सेंचुरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां मरीज का इलाज हुआ, लेकिन मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक के परिवार के पास सिर्फ गाड़ी थी। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने उसे गिरवी रखने के बाद ही शव सौंपा। 
विज्ञापन


पुलिस से की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने अस्पताल के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची तो परिजनों को गाड़ी वापस दिला दी। अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी अस्पताल में ऐसा ही मामला सामने आया था। उस दौरान कोविड मरीज की मौत हो गई थी। अस्पताल ने गारंटी के तौर पर परिजनों की गाड़ी रख ली थी। जब बिल का भुगतान हो गया तो गाड़ी लौटा दी गई थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें