प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को वड़ोदरा के प्रतिष्ठित लक्ष्मी विलास पैलेस के दरबार हॉल में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज से मुलाकात करेंगे। यह शानदार महल कई शाही संगीत कार्यक्रमों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का साक्षी रहा है। मामले से परिचित लोगों ने रविवार को बताया कि दोनों नेता प्रतिष्ठित महल में दोपहर भोज भी करेंगे। इस महल का निर्माण 19वीं सदी के अंत में पूर्ववर्ती बड़ौदा रियासत के तत्कालीन शासक महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने कराया था।
पैलेस के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘हम सभी कल के लिए तैयार हैं जब लक्ष्मी विलास पैलेस दोनों नेताओं की मेजबानी करेगा। बैठक दरबार हॉल में होगी और दोपहर भोज पैलेस परिसर के बैंक्वेट हॉल में होगा। सूत्र ने कहा कि व्यंजन सूची में गुजराती और स्पेनिश व्यंजन शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने रविवार को सांचेज की भारत यात्रा पर एक परामर्श जारी किया जिसमें उनके यात्रा कार्यक्रम का विवरण साझा किया गया।
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, स्पेन के प्रधानमंत्री सोमवार सुबह गुजरात के वड़ोदरा पहुंचेंगे। सुबह करीब 10 बजे वह सी-295 विमान के विनिर्माण प्रतिष्ठान का दौरा करेंगे और इस दौरान रास्ते में एक ‘शोभा यात्रा’ भी होगी। रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2021 में 56 विमानों की आपूर्ति के लिए एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एसए, स्पेन के साथ 21,935 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। इन 56 विमानों में से 16 को सीधे स्पेन से ‘उड़ान के लिए तैयार स्थिति’ में लाया जाएगा और 40 का निर्माण ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड’ (टीएएसएल) द्वारा भारत में किया जाएगा।
मोदी और सांचेज सोमवार को वड़ोदरा में सी-295 विमान के ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (एफएएल) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे जिसकी आधारशिला मोदी ने अक्टूबर 2022 में रखी थी। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, पूर्वाह्न 11 बजे दोनों नेता ऐतिहासिक महल में बैठक करेंगे जहां सांचेज के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में सांचेज की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा था कि यात्रा के दौरान वह ‘प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे’। वड़ोदरा (पूर्व में बड़ौदा) एक धरोहर शहर है तथा लक्ष्मी विलास पैलेस अभी भी बड़ौदा के पूर्व राजवंश का घर है, जिसके शासकों ने इस शहर में कई प्रतिष्ठित इमारतों का निर्माण कराया था।
भव्य दरबार हॉल सहित लगभग 170 कमरों वाला यह महल वास्तुशिल्प का एक शानदार उदाहरण है, जो सुंदर लॉन और संगमरमर के भव्य कलशों तथा इतालवी मूर्तिकला से सुसज्जित हरे-भरे बगीचों से घिरा है। ऐसा कहा जाता है कि यह लंदन के बकिंघम पैलेस से चार गुना बड़ा है। बड़ौदा के तत्कालीन महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय के शासनकाल (1875-1939) के दौरान राजनिवास के रूप में निर्मित इस महल को मेजर चार्ल्स मांट द्वारा अन्य वास्तुशिल्प तत्वों के साथ मुख्य रूप से इंडो-सारसेनिक शैली में डिजाइन किया गया था। इसका निर्माण 1890 में पूरा हुआ था।