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Gujarat: UCC का सैद्धांतिक समर्थन करने पर आदिवासी नेता ने छोड़ी आम आदमी पार्टी, केजरीवाल को भेजा इस्तीफा

Sun, 09 Jul 2023 07:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

Gujarat: आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को संबोधित अपने इस्तीफे में प्रफुल्ल वसावा ने कहा कि समान नागरिक संहिता संविधान पर हमला है। वसावा ने पत्र में कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी अधिकारों की रक्षा के बारे में बात नहीं कर सकती है।
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Praful Basava, Arvind Kejriwal (File) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी (आप) के एक आदिवासी नेता ने समान नागरिकता संहिता (यूसीसी) का सैद्धांतिक समर्थन करने के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया। आप नेता ने साल 2002 में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित नर्मदा जिले की नंदोद सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह इसमें हार गए थे। 

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आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को संबोधित अपने इस्तीफे में प्रफुल्ल वसावा ने कहा कि समान नागरिक संहिता संविधान पर हमला है। वसावा ने पत्र में कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी अधिकारों की रक्षा के बारे में बात नहीं कर सकती है और साथ ही समान नागरिक संहिता के प्रति समर्थन भी व्यक्त नहीं कर सकती है।

वसावा ने मणिपुर में 'आदिवासियों' की हत्या को लेकर केंद्र पर आरोप लगाया और आप से कट्टरवाद व नफरत की राजनीति का विरोध करने का आग्रह किया। पत्र में उन्होंने कहा, 'समान नागरिक संहिता से आदिवासियों, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ी जाति, अल्पसंख्यकों और अन्य समुदायों के संवैधानिक अधिकारों, जीवनशैली और सामाजिक ढांचे को खतरा होगा।
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में एक सार्वजनिक बैठक में समान नागरिक संहिता को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसके बाद आप ने इसे सैद्धांतिक रूप से समर्थन दिया था। पार्टी के नेता संदीप पाठक ने कहा था कि इसे आम सहमति से पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आप सैद्धांतिक रूप से समान नागरिक संहिता का समर्थन करती है।' संगठन के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) पाठक ने कहा था, 'संविधान का अनुच्छेद 44 भी इसका समर्थन करता है।'
 
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समान नागरिक संहिता पर जोर देते हुए मोदी ने पूछा था कि व्यक्तिगत मुद्दों को नियंत्रित करने वाले दोहरे कानूनों के साथ एक राष्ट्र कैसे काम कर सकता है।
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