पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा स्टॉकहोम स्थित एक अंतर सरकारी संगठन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (आईडीईए) के सलाहकारों के बोर्ड में शामिल हुए हैं। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, अरोड़ा का लंबा अनुभव, ज्ञान व कौशल इस अंतरराष्ट्रीय संस्था के कामकाज में महत्वपूर्ण योगदान देगा। संस्था के सलाहकार बोर्ड में 15 सदस्य हैं।
ये सभी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ या चर्चित हस्तियां हैं। भारत इस संस्था का संस्थापक सदस्य है। दुनियाभर में स्थायी लोकतंत्र के मिशन पर काम करने वाली इस संस्था में 34 सदस्य देश शामिल हैं जिनमें सभी महाद्वीपों के बड़े, छोटे, नए व पुराने लोकतंत्र शामिल हैं। सुनील अरोड़ा भारत के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे। इनका कार्यकाल 2 दिसंबर 2018 से इस वर्ष अप्रैल तक रहा।
विश्व में सबसे ज्यादा टीका बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा है कि सरकार से अब कोई नया ऑर्डर उसे नहीं मिल रहा है इसलिए अगले हफ्ते से वह टीके का 50 फीसदी उत्पादन कम करना शुरू देगी।
एक टीवी चैनल से बातचीत में सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा, कोविशील्ड की मांग से ज्यादा सप्लाई हो चुकी है इसलिए हम असमंजस में हैं, इसलिए हमें उत्पादन भी घटाना पड़ रहा है। हम अगले हफ्ते तक सरकार का ऑर्डर पूरा कर लेंगे। हमने सरकार को भी टीके की मात्रा के बारे में जानकारी देने के लिए लिखा है। अब अगर सरकार को जरूरत नहीं होगी तो हम टीके का निर्यात करने लगेंगे।
पद्मश्री नंद किशोर पृष्टी का मंगलवार को निधन हो गया। कोरोना से संक्रमित होने के बाद उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी उम्र 104 वर्ष थी। वह नंदा सर के नाम से प्रसिद्ध थे। पिछले महीने ही उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने शोक जताया है।
दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को बांग्लादेश पहुंचे विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने बांग्लादेश के विदेशमंत्री एके अब्दुल मोमेन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच विविध मुद्दों और बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया, विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमेन से मुलाकात की। हमारे कोविड सहयोग समेत दोनों देशों के बीच व्यापक और बढ़ते सहयोग की समीक्षा हुई।
जासूसी मामले में गिरफ्तार किए गए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पांच कर्मचारियों को विदेशों से धन मिला, जो उनके बैंक खातों में स्थानांतरित हुआ। पुलिस ने ओडिशा उच्च न्यायालय को मंगलवार को यह जानकारी दी।
मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर की पीठ एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें जांच को ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा से एक राष्ट्रीय एजेंसी को स्थानांतरित करने की मांग की थी। राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने बताया कि चांदीपुर में डीआरडीओ के एकीकृत परीक्षण रेंज के पांच अनुबंधित कर्मचारी फेसबुक और व्हाट्सऐप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई महिलाओं के संपर्क में थे। हालांकि, स्थिति रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के स्थान का पता नहीं चल पाया है। अदालत ने पिछले महीने केंद्र और राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था, जिसमें जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी थी।