मंदिर के पुजारी मनोज गोस्वामी ने कहा कि लोगों का मानना है कि शिवलिंग पर जीवित केकड़े चढ़ाने से उनकी मनोकामना पूरी होगी। यह भी माना जाता है कि ऐसा करने से कान का दर्द दूर हो जाएगा, जबकि अधिकांश श्रद्धालु फूल, पत्ते और दूध चढ़ाते हैं।
गुजरात के सूरत में एक शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने जीवित केकड़ों को प्रसाद के रूप में चढ़ाए। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विशेष रूप से कान की बीमारियों से हो रहे दर्द से भी राहत मिलती है।
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मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को प्रसाद चढ़ाया गया। यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार मकर संक्रांति के ठीक बाद आने वाले 'पौष' महीने की एक शुभ तिथि है। इसे यहां उत्तरायण भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यहां उमरा में तापी नदी के किनारे स्थित रामनाथ घेला महादेव मंदिर में 'शिवलिंग' पर केकड़े चढ़ाए गए।
मंदिर के पुजारी मनोज गोस्वामी ने कहा कि लोगों का मानना है कि शिवलिंग पर जीवित केकड़े चढ़ाने से उनकी मनोकामना पूरी होगी। यह भी माना जाता है कि ऐसा करने से कान का दर्द दूर हो जाएगा। जबकि अधिकांश श्रद्धालु फूल, पत्ते और दूध चढ़ाते हैं। वहीं, कई लोग जीवित केकड़े चढ़ाने के लिए इस दिन का इंतजार करते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद मंदिर प्रबंधन द्वारा मछुआरों से केकड़ों को एकत्र किया जाता है। फिर उन्हें नदी में छोड़ दिया जाता है।
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यहां प्रचलित मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम तापी नदी के पास थे, तब एक केकड़े ने उनके पैर छुए थे। भगवान राम ने केकड़े को आशीर्वाद दिया था। तब से यह माना जाता है कि इस मंदिर में जीवित केकड़े चढ़ाने वालों की मनोकामना पूरी होती है और दर्द से राहत मिलती है। श्रद्धालु तृप्ति लश्करी ने खुशी जाहिर की कि उसे बुधवार को मंदिर में एक जीवित केकड़ा चढ़ाने में सफलता मिल गई थी।