गुजरात में सूरत नगर निगम के एक स्कूल में मां सरस्वती की प्रतिमा को ढक कर मांसाहारी पार्टी करने पर विवाद खड़ा हो गया है। घटना से जुड़े वीडियो और फोटो वायरल होने पर स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया और मामले की विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए। मामला शहर के गोडादरा इलाके में स्थित प्राथमिक विद्यालय संख्या 342 से जुड़ा है।
दरअसल, रविवार को यहां 1987 और 1991 के बीच संस्थान में पढ़ने वाले तेलुगु छात्रों के लिए एल्यूमिनाई मीट (पूर्व छात्रों का सम्मेलन) का आयोजन किया था। आरोप है कि इस दौरान पूर्व छात्रों ने स्कूल के परिसर में स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा को चुनरी से ढक दिया और चिकन और मटन पार्टी की। एक वायरल वीडियो में कुछ लोगों को स्कूल की बेंच पर चावल और मटन-चिकन खाते देखा गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के प्रिंसिपल भी मौजूद थे।
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एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल को अनुमति के बिना परिसर में मांसाहारी पार्टी आयोजित करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी।
उधर, स्कूल का संचालन करने वाली सूरत नगर निगम (एसएमसी) की प्राथमिक शिक्षा समिति (पीईसी) ने रविवार शाम को जांच के आदेश दिए। एक अधिकारी ने बताया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर, पीईसी ने सोमवार को स्कूल के प्रधानाचार्य प्रभाकर एलिगेटिन को निलंबित करने का आदेश दिया।
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समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कपाड़िया ने कहा, यह वास्तव में निंदनीय कृत्य है क्योंकि हम देख सकते हैं कि मिलन समारोह में लोगों को मांसाहारी भोजन परोसा जा रहा है। स्कूल के अंदर इस आयोजन के लिए अधिकारियों से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। हमने छवि खराब करने के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी। अपने बचाव में, एलिगेटिन ने दावा किया कि मांसाहारी व्यंजन स्कूल के बाहर से लाए गए थे और जब संस्थान के पूर्व छात्रों को परोसे गए, तब वह वहां मौजूद नहीं थे।