फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Congress: 'तीन विधेयकों पर JPC में शामिल नहीं होंगे विपक्षी दल', कांग्रेस ने संसदीय कार्यमंत्री को दी जानकारी

Mon, 13 Oct 2025 10:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Congress: कांग्रेस ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को सूचित किया कि वह और अन्य विपक्षी दल तीन विधेयकों पर संसदीय समिति में शामिल नहीं होंगे। इन विधेयक में उन नेताओं को पद से हटाने का प्रावधान है, जो गंभीर आरोपों में 30 दिन तक हिरासत में रहेंगे।
 
विज्ञापन
मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को सूचित कर दिया है कि वह और अन्य विपक्षी दल संसद की संयुक्त समिति का हिस्सा नहीं बनेंगे। यह समिति उन तीन विधेयकों से जुड़ी है, जिनमें यह प्रावधान है कि अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आरोपों में 30 दिनों तक लगातार हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन


कई विपक्षी दल पहले कर चुके बहिष्कार की घोषणा
बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री को अपना फैसला बता दिया है। सभी विपक्षी दलों ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि वे इस समिति का बहिष्कार करेंगे। तीन पार्टियां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और आम आदमी पार्टी (आप) पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि वे समिति का हिस्सा नहीं बनेंगी। समाजवादी पार्टी ने भी यह संकेत दिया था कि वह इस विचार का समर्थन करती है कि विपक्ष को एकजुट होकर इस पैनल में शामिल नहीं होना चाहिए।

ये भी पढ़ें: हवाई किराए में उतार-चढ़ाव के तनाव से मिलेगी मुक्ति, एलायंस एयर की नई योजना का शुभारंभ
विज्ञापन


लोकसभा अध्यक्ष ने कही थी लिखित सूचना न मिलने की बात
पिछले महीने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि उन्हें किसी भी राजनीतिक दल की ओर से समिति के बहिष्कार को लेकर कोई लिखित सूचना नहीं मिली है। बिरला ने पत्रकारों को बताया था, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के मुद्दे पर मुझे किसी भी राजनीतिक दल की तरफ से कोई लिखित जानकारी नहीं दी गई है।

क्या हैं तीन विधेयक
मानसून सत्र के अंतिम दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए थे। इनका नाम केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक, संविधान (130वां संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक है। इन विधेयकों में यह प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आरोपों में 30 दिन तक लगातार हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।
विज्ञापन


विपक्ष ने इन तीनों विधेयकों का विरोध किया है। विपक्ष का कहना है कि ये विधेयक असांविधानिक हैं और राज्यों में सत्ता में मौजूद विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के मकसद से लाए गए हैं। लोकसभा ने इन विधेयकों को संसद की एक संयुक्त समिति को भेजा है। इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। हालांकि, यह समिति अभी तक गठित नहीं हुई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें