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Gujarat: सीवर लाइन की सफाई के दौरान सफाई कर्मचारी और ठेकेदार की मौत, जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका

Tue, 21 Mar 2023 09:53 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

सफाई कर्मचारी सीवर की नियमित सफाई का काम कर रहा था। दम घुटने से उसकी और ठेकेदार की मौत हो गई। राजकोट नगर निगम के इंजीनियर एच एम कोटक ने कहा कि नगर निकाय घटना की जांच करेगा।
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मौत (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गुजरात के राजकोट में मंगलवार को भूमिगत जल निकासी लाइन की सफाई के दौरान दम घुटने से एक सफाई कर्मचारी और नगर निकाय के एक ठेकेदार की मौत हो गई। मालवीय पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी मेहुल मेहदा (24 वर्षीय) सम्राट औद्योगिक क्षेत्र में भूमिगत सीवर में सफाई के लिए गया और गहरीली गैसों की चपेट में आने से बेहोश हो गया। 
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उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद ठेकेदार अफजल कुकुर (42 वर्षीय) मेहदा को बचाने के लिए तुरंत सीवर में उतरे, लेकिन वह भी बेहोश हो गए। अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया और सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टोरं ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सफाई कर्मचारी सीवर की नियमित सफाई का काम कर रहा था। दम घुटने से उसकी और ठेकेदार की मौत हो गई। राजकोट नगर निगम के इंजीनियर एच एम कोटक ने कहा कि नगर निकाय घटना की जांच करेगा। उन्होंने कहा, सफाई के लिए एक मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था और मशीन फिट करते समय पीड़ित जहरीली गैस की चेपट में आ गया। हमें सटीक जानकारी मिली है कि यह कैसे हुआ। 
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यह भी पढ़ें: सफाई कर्मचारी आत्महत्या मामला: लॉयंस कंपनी का दावा-निगम ने नहीं दिया भुगतान, आयुक्त बोलीं-कोई बकाया नहीं

राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह विधानसभा को सूचित किया था कि पिछले दो वर्षों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में नालों की सफाई के दौरान दम घुटने से 11 सफाई कर्मचारियों की मौत हुई। गुजरात के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री भानुबेन बाबरिया ने बताया था कि उनमें से जनवरी 2021 और जनवरी 2022 के बीच सात लोगों की मौत हुई और जनवरी 2022 और जनवरी 2023 के बीच चार लोगों की जान गई।  
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उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके परिजनों को मुआवजे के तौर पर दस लाख रुपये का भुगतान किया है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को मैला ढोने वालों के रूप में रोजगार निषेध और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।   
  
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