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हार्दिक पटेल की प्रेम कहानी खुद उनकी जुबानी- किंजल ने प्रपोज किया, मैंने हां बोल दिया

Tue, 22 Jan 2019 09:38 AM IST
अमर शर्मा चुनाव डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
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हार्दिक पटेल, किंजल पारिख - फोटो : Social Media
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गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल 27 जनवरी को अपनी बचपन की दोस्त किंजल पारिख के संग वैवाहिक बंधन में बंधने वाले हैं। कार्यक्रम के अनुसार सुरेंद्रनगर जिले के दिगसार गांव में विवाह कार्यक्रम एकदम सादा होगा जिसमें सिर्फ 100 लोगों को आमंत्रित किया गया है। जिसमें दोनों परिवारों के सिर्फ करीबी लोग ही शामिल हैं। 
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कौन हैं किंजल पारिख

हार्दिक पटेल किंजल पारिख से शादी रचा रहे हैं वो उनकी बचनप की दोस्त है। हार्दिक की उम्र 25 साल है और किंजल उनसे एक-दो साल छोटी हैं। किंजल ने स्नातक तक पढ़ाई की है और फिलहाल वह कानून की पढ़ाई कर रही हैं। 

हार्दिक पटेल के पिता भरत पटेल के मुताबिक किंजल पटेल पारिख-पटेल समुदाय से हैं। किंजल मूलत: वीरमगाम की रहने वाली हैं और उनका परिवार अब सूरत में रहता है। हार्दिक भी अहमदाबाद जिले के वीरामगाम जिले के एक गांव चंदन नगरी के रहने वाले हैं। 
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हार्दिक पटेल गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नेता हैं। विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका बहुत प्रभावी रही थी। लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान में भी वे काफी व्यस्त रहेंगे। लिहाजा वे हनीमून पर लोकसभा चुनाव के बाद जाएंगे। 

दोस्त किंजल परिख के साथ प्रेम और शादी की कहानी

रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्दिक ने अपनी प्रेम कहानी को खुद बयां किया है। उन्होंने कहा, "मैं और किंजल एक साथ पढ़ते थे। अहमदाबाद के चांदनगरी गांव में एक ही इलाके में रहते थे और बचपन से ही एक-दूसरे को जानते हैं। छठवीं कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक हम साथ-साथ पढ़े। 

मेरी बहन मोनिका की सहेली होने के कारण उसका मेरे घर आना-जाना लगा रहता था। मैं उसे कभी-कभी घर छोड़ने भी जाया करता था। जब हम कॉलेज पहुंचे तो मुझे लगा कि मैं किंजल से प्रेम करने लगा हूं। 

'मुझे राजनीति आती है, प्यार नहीं'

आमतौर पर लड़के ही लड़की से प्रेम का इजहार करते हैं और शादी के लिए प्रपोज करते हैं। लेकिन मेरे मामले में उल्टा हुआ। प्रपोज किंजल ने किया, मैंने तो बस 'ओके' किया। मुझे राजनीति आती है, प्यार नहीं। मेरा स्वभाव थोड़ा शर्मीला है।

जब तक हम कॉलेज पहुंचे, तब तक व्हाट्सएप चालू हो चुका था। हम इसके जरिए ही बातचीत कर लिया करते थे। बाद में पाटीदार आंदोलन के दौरान मैं सूरत की लाजपोर जेल में था, तब किंजल ने मुझे लेटर लिखा था। पर मैंने उसे कभी जेल में नहीं बुलाया।' 

'मैं किंजल के साथ हूं'

हार्दिक ने कहा कि समाज में महिलाओं की हालत को देखते हुए किंजल राजनीति में आना चाहेंगी, तो मैं उसे प्रोत्साहित करूंगा। समाज में महिलाओं के लिए काम करने की कई संभावनाएं हैं।
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