सूत्रों की मानें तो गुजरात पाटण ही वह सीट थी जिस पर अल्पेश ठाकोर टिकट चाहते थे। लेकिन पार्टी और अल्पेश ठाकोर के बीच बनते-बिंगड़ते रिश्तों में आखिरी कील का काम तब किया जब कांग्रेस ने पाटण से जगदीश ठाकोर को अपना उम्मीदवार चुना है। जगदीश 2009 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट से कांग्रेस को जीत दिला चुके हैं। दूसरी तरफ अल्पेश ठाकोर खुद भी पाटण जिले से ही आते हैं। ठाकोर की मांग को कांग्रेस नेतृत्व ने तवज्जो नहीं दी। पार्टी ने साबरकांठा लोकसभा सीट से संगठन के एक सदस्य को टिकट देने की ठाकोर सेना की मांग को भी नजरअंदाज कर किया। इस सब के चलते ठाकोर ने कांग्रेस से नाता तोड़ दिया।